31 अगस्त 2025 को भारत और वैश्विक परिदृश्य कई महत्वपूर्ण घटनाओं से चिह्नित हुए। भारत में, प्रधानमंत्री मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की, जिसमें सीमा विवादों के समाधान और सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति बनी। देश के भीतर, जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से त्रासदी हुई और बिहार में चुनाव आयोग ने नए मतदाता पहचान पत्र जारी करने की योजना बनाई। वैश्विक स्तर पर, रूस-यूक्रेन संघर्ष में वृद्धि देखी गई, इज़राइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के सैन्य ठिकानों पर हमला किया, और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रक्षा विभाग का नाम बदलकर "युद्ध विभाग" करने का प्रस्ताव रखा, जिससे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बहस छिड़ गई। इन प्रमुख घटनाओं में राजनीतिक, सामाजिक, पर्यावरणीय और सुरक्षा संबंधी विविध मुद्दे शामिल थे, जो भारत और दुनिया दोनों के लिए महत्वपूर्ण परिवर्तकों का संकेत देते हैं।
31 अगस्त 2025: भारत और विश्व में रणनीतिक बदलाव और महत्वपूर्ण घटनाएँ
31 अगस्त 2025 का दिन भारत और वैश्विक स्तर पर कई महत्वपूर्ण राजनीतिक, आर्थिक, पर्यावरणीय, सामाजिक और तकनीकी घटनाक्रमों से भरा रहा। यह दिन बदलती वैश्विक व्यवस्था और भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है, जहाँ देश आंतरिक चुनौतियों का सामना करते हुए बाहरी दबावों को भी सफलतापूर्वक संभाल रहा है। इस व्यापक रिपोर्ट में, हम इस दिन की प्रमुख सुर्खियों और उनके गहरे प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
1. भारत की विदेश नीति और अंतर्राष्ट्रीय संबंध: बदलते गठबंधनों का दौर
31 अगस्त 2025 को भारत की बहु-संरेखण विदेश नीति स्पष्ट रूप से देखने को मिली, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की और उसी समय जापान के साथ भी रणनीतिक साझेदारी मजबूत की।
1.1. SCO शिखर सम्मेलन में मोदी-शी जिनपिंग की ऐतिहासिक मुलाकात
चीन के तियानजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक बहुप्रतीक्षित सीधी मुलाकात हुई। यह मुलाकात जून 2020 में गलवान घाटी में हुए संघर्ष के बाद पहली बड़ी द्विपक्षीय वार्ता थी, जिसने दोनों देशों के संबंधों में खटास पैदा कर दी थी।
- सीमा विवाद पर सहमति और सहयोग: दोनों नेताओं ने सीमा मुद्दे के "निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य" समाधान की दिशा में काम करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने जोर दिया कि द्विपक्षीय मतभेदों को विवादों में बदलने से रोका जाना चाहिए। वार्ता में एक आशावादी स्वर था, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि भारत और चीन "विकास भागीदार हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं" और उनका संयुक्त विकास एक बहुध्रुवीय एशिया और दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है।
- आतंकवाद पर चीन का समर्थन: प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे को उठाया, जिस पर चीन ने भारत को समर्थन देने की प्रतिबद्धता जताई।
- ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आमंत्रण: एक ऐतिहासिक राजनयिक कदम के रूप में, मोदी ने शी जिनपिंग को 2026 में भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया, जिसे शी ने स्वीकार कर लिया और उस ब्लॉक की भारत की आगामी अध्यक्षता के लिए समर्थन का वादा किया।
- व्यावहारिक कदम: बैठक में अधिक सीधी उड़ानें शुरू करने, वीजा सुविधा प्रदान करने, कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने और वैश्विक व्यापार को स्थिर करने और भारत के चीन के साथ व्यापार घाटे को दूर करने के उद्देश्य से द्विपक्षीय आर्थिक जुड़ाव की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने दोहराया कि उनके संबंधों को किसी तीसरे देश के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए - यह अमेरिका के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने का एक अप्रत्यक्ष संदर्भ था, खासकर चल रहे भारत-अमेरिका व्यापार तनाव के बीच।
- रणनीतिक महत्व: इस मेल-मिलाप को ऐसे समय में देखा जा रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारतीय वस्तुओं पर महत्वपूर्ण टैरिफ लगाए हैं, जो भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव के चरण का संकेत देता है। पर्यवेक्षकों का मानना है कि मोदी-शी चर्चा एशिया के भू-राजनीतिक संतुलन को फिर से परिभाषित कर सकती है।
- घरेलू प्रतिक्रिया: इस राजनयिक पहल को विपक्षी कांग्रेस पार्टी की आलोचना का सामना करना पड़ा है, जिसने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री मोदी की शी जिनपिंग के साथ "गर्मजोशी भरी मुलाकात" राष्ट्रीय सुरक्षा पर आर्थिक संबंधों को प्राथमिकता देने का संकेत देती है। यह आलोचना सरकार को अपने आर्थिक हितों को सुरक्षित करने और अपनी रणनीतिक स्थिति बनाए रखने के बीच कठिन संतुलन को रेखांकित करती है।
1.2. अमेरिका-भारत व्यापार तनाव और भारत की प्रतिक्रिया
डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 50% के भारी टैरिफ के कारण संयुक्त राज्य अमेरिका-भारत संबंध दशकों के अपने सबसे निचले बिंदु पर हैं।
- टैरिफ का प्रभाव: अर्थशास्त्रियों ने अनुमान लगाया है कि इससे इस वित्तीय वर्ष में आर्थिक विकास में 30-80 आधार अंकों की गिरावट आ सकती है और कपड़ा और रत्न एवं आभूषण जैसे श्रम-गहन क्षेत्रों में हजारों श्रमिकों की छंटनी हो सकती है। भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी शुल्क से 50 बिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान होने की संभावना है।
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भारत की प्रतिक्रिया:
- डाक सेवाएँ निलंबित: टैरिफ विवाद के बीच, भारत ने अमेरिका के लिए सभी प्रकार की डाक सेवाओं (पत्र, दस्तावेज, उपहार) की बुकिंग निलंबित करने का फैसला किया है।
- निर्यातकों के लिए कार्य योजना: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने निर्यातकों के लिए एक बहु-स्तरीय कार्य योजना शुरू की है। इसमें कमजोर निर्यातकों, विशेष रूप से MSMEs के लिए तरलता राहत, अनुपालन राहत, संपार्श्विक समर्थन, कार्यशील पूंजी infusions और बाजार पहुंच सुविधा शामिल है।
- रणनीति में अल्पावधि, मध्यावधि और दीर्घावधि के तत्व शामिल हैं:
- अल्पावधि: तरलता राहत पैकेज और अनुपालन लचीलापन।
- मध्यावधि: आक्रामक खरीदार-विक्रेता आउटरीच, FTA अनुकूलन और GST सुधार।
- दीर्घावधि: निर्यात विविधीकरण, डिजिटल व्यापार मंच (भारतट्रेडनेट), और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रणनीतिक स्वायत्तता का निर्माण।
- लक्ष्य न केवल निर्यात हानि को कम करना है, बल्कि भविष्य के लिए भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता और आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन को भी मजबूत करना है। व्यापार विविधीकरण किया जा रहा है, जिसमें लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और पूर्वी एशिया में वैकल्पिक बाजारों की पहचान की जा रही है, ताकि एकल-देश व्यापार व्यवधानों से भविष्य के झटकों को दूर किया जा सके।
- वैश्विक आर्थिक और राजनयिक संरेखण में बदलाव: अमेरिकी नीति में यह बदलाव वैश्विक आर्थिक और राजनयिक संरेखण को मौलिक रूप से बदल रहा है। संरक्षणवादी "अमेरिका फर्स्ट" रणनीति राष्ट्रों को अपनी निर्भरता का पुनर्मूल्यांकन करने और नए साझेदारों की तलाश करने के लिए मजबूर कर रही है। तियानजिन में मोदी-शी बैठक और टोक्यो में मोदी-इशिबा शिखर सम्मेलन इस नई भू-राजनीतिक वास्तविकता के ठोस प्रमाण हैं। अमेरिका की कार्रवाइयाँ न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुँचा रही हैं, बल्कि अनजाने में अपने कथित प्रतिद्वंद्वियों के बीच गठबंधनों को भी मजबूत कर रही हैं, जिससे उन्हें एक संयुक्त मोर्चा पेश करने या कम से कम शत्रुतापूर्ण वैश्विक व्यापार वातावरण को नेविगेट करने के लिए घर्षण को कम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
1.3. भारत-जापान रणनीतिक समझौता
भारत जापान के साथ भी अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है, जो एक परिष्कृत बहु-संरेखण विदेश नीति का प्रदर्शन है। टोक्यो में, प्रधानमंत्री मोदी और उनके जापानी समकक्ष, शिगेरू इशिबा ने आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और स्वच्छ ऊर्जा और रक्षा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। उनके शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख परिणाम अगले दशक में भारत में जापानी निजी निवेश को प्रति वर्ष लगभग 6.8 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का एक संयुक्त लक्ष्य था, जो 2010 के दशक में दर्ज 2.7 बिलियन डॉलर से काफी अधिक है। दोनों नेताओं ने जापानी प्रौद्योगिकी और भारतीय प्रतिभा के "विनिंग कॉम्बिनेशन" पर भी जोर दिया, जिसके बारे में उनका मानना है कि यह दोनों राष्ट्रों को "इस सदी की तकनीकी क्रांति का नेतृत्व करने" में सक्षम बनाएगा।
1.4. शंघाई सहयोग संगठन (SCO) एक शक्तिशाली ब्लॉक के रूप में
SCO, जिसकी स्थापना 2001 में हुई थी, में चीन, भारत, रूस, पाकिस्तान, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस शामिल हैं, जिसमें 16 अन्य देश पर्यवेक्षक या "संवाद भागीदार" के रूप में संबद्ध हैं।
- सदस्य और आर्थिक शक्ति: संयुक्त रूप से, SCO सदस्य वैश्विक आबादी का 42%, या तीन बिलियन से अधिक लोग, और ग्रह के भूमि द्रव्यमान का लगभग एक चौथाई का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह तेजी से शक्तिशाली ब्लॉक वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 23% हिस्सा है, जिसका मूल्य प्रति वर्ष लगभग 24 ट्रिलियन डॉलर है। और यह दुनिया के तेल का लगभग 20% और वैश्विक गैस भंडार का लगभग 44% को नियंत्रित करता है।
- रूस और चीन का रुख: SCO शिखर सम्मेलन में, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने BRICS राष्ट्रों पर पश्चिमी शक्तियों द्वारा लगाए गए "भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों" के खिलाफ एक संयुक्त रूस-चीन रुख व्यक्त किया। ये प्रतिबंध, विशेष रूप से अमेरिकी टैरिफ खतरों के प्रकाश में चर्चा किए गए, को सदस्य देशों के सामाजिक-आर्थिक विकास में बाधाओं के रूप में वर्णित किया गया है। मॉस्को और बीजिंग दोनों ने बुनियादी ढांचे, वित्त और बहुपक्षीय आर्थिक मंचों में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया, जबकि एक अधिक न्यायसंगत वित्तीय व्यवस्था के लिए IMF और विश्व बैंक के सुधार का सक्रिय रूप से समर्थन किया। यह बयान प्रमुख गैर-पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ते समेकन का संकेत देता है, जो BRICS ब्लॉक को एक प्रमुख स्तंभ के रूप में एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को बढ़ावा देता है। भारत के लिए, SCO प्रतिभागी और आगामी BRICS मेजबान दोनों के रूप में, ये संरेखण विकासशील विदेश नीति चुनौतियों और अवसरों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
2. भारतीय अर्थव्यवस्था: चुनौतियां और अवसर
भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत घरेलू विकास और उपभोक्ता खर्च से प्रेरित होकर एक "उज्ज्वल स्थान" प्रस्तुत करती है, लेकिन उच्च बेरोजगारी और अमेरिकी टैरिफ के कारण नौकरियों के नुकसान की धमकी जैसी चुनौतियों का भी सामना करती है।
2.1. एफपीआई (FPI) गतिविधि: अगस्त में रिकॉर्ड बिकवाली
अगस्त 2025 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय शेयर बाजारों से 34,993 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण निकासी की, जो पिछले छह महीनों में सबसे तेज बिकवाली थी। यह आंकड़ा जुलाई में हुई 17,741 करोड़ रुपये की बिकवाली से लगभग दोगुना था।
- बिकवाली के कारण: इस बिकवाली का मुख्य कारण भारतीय निर्यात पर 50% तक के अमेरिकी शुल्क और घरेलू बाजार के महंगे मूल्यांकन को माना जा रहा है। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट के संयुक्त निदेशक हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय निर्यात पर अमेरिकी शुल्क ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया, और जून तिमाही में कुछ प्रमुख क्षेत्रों की कंपनियों की आय उम्मीदों से कम रही, जिससे बिकवाली को बल मिला। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह बिकवाली वैश्विक और घरेलू, दोनों कारकों से हुई।
- ऐतिहासिक संदर्भ:
- अगस्त 2025 की बिकवाली पिछले 20 वर्षों में अगस्त के महीने में हुई सबसे बड़ी बिकवाली है। 2005 से अब तक, विदेशी निवेशकों ने अगस्त में केवल 8 बार बिकवाली की है, जिसमें 2025 सबसे बड़ी बिकवाली वाला साल रहा है।
- अगस्त 2025 में हुई बिकवाली बीते 6 महीने की सबसे बड़ी बिकवाली मानी जा रही है। आखिरी बार विदेशी निवेशकों ने फरवरी के महीने में 30 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा निकाले थे (34,574 करोड़ रुपये)।
- जनवरी 2025 में विदेशी निवेशकों ने 78,027 करोड़ रुपए निकाले थे, जो मौजूदा साल में बिकवाली का सबसे बड़ा महीना बना हुआ है।
- मार्च से जून तक यानी 3 महीनों में विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार में अच्छी खासी खरीदारी की थी, इस दौरान 38,673 करोड़ रुपए का निवेश किया गया था।
- 2025 तक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने इक्विटी में कुल 1.3 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली की है।
- अगस्त 2019 के बाद अगस्त के महीने में विदेशी निवेशकों ने बिकवाली की है, उस साल 17,592 करोड़ रुपये निकाले गए थे। कोविड से पहले 2020 के अगस्त में 47,080 करोड़ रुपये का निवेश देखा गया था।
2.2. निजी पूंजीगत व्यय में वृद्धि की संभावना
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अगस्त बुलेटिन में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, मजबूत घरेलू आर्थिक स्थिति और ब्याज दरों में एक प्रतिशत की कटौती से वित्त वर्ष 2025-26 में निजी क्षेत्र का पूंजी निवेश 21.5 प्रतिशत बढ़कर 2.67 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
- अनुकूल माहौल: वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारतीय कंपनियों ने वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत मजबूत बहीखाते, बेहतर नकदी भंडार, बढ़ी हुई लाभप्रदता और वित्तपोषण के विविध स्रोतों तक बेहतर पहुंच के साथ की है।
- सहायक कारक: सरकार की बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने वाली नीतियां, लगातार घटती महंगाई, कम ब्याज दरें, बाजार में पर्याप्त नकदी की उपलब्धता और उद्योगों द्वारा क्षमता उपयोग में वृद्धि जैसे कारक देश में निजी निवेश के लिए अनुकूल माहौल बना रहे हैं।
- प्रमुख क्षेत्र: बुनियादी ढांचा क्षेत्र अब भी सबसे अधिक पूंजी निवेश आकर्षित कर रहा है, जिसमें सबसे अहम भूमिका ‘ऊर्जा क्षेत्र’ निभा रहा है।
- यह लेख आरबीआई के सांख्यिकी और सूचना प्रबंधन विभाग के स्निग्धा योगिन्द्रन, सुक्ति खांडेकर, राजेश बी कावेदिया और आलोक घोष ने लिखा है।
2.3. व्यापक आर्थिक अवलोकन: भारत का "उज्ज्वल स्थान" प्रदर्शन
भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत शीर्षक विकास और महत्वपूर्ण अंतर्निहित चुनौतियों की एक विरोधाभासी तस्वीर प्रस्तुत करती है।
- विकास दर और मुद्रास्फीति: भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2024-25 में 6.5% बढ़ा, जिससे यह दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गई। यह मजबूत प्रदर्शन मुद्रास्फीति में तेज गिरावट से समर्थित है, जिसमें उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) मई 2025 में 2.82% था, जो फरवरी 2019 के बाद सबसे कम स्तर है। वैश्विक संस्थानों के अनुमान इस आशावाद को दोहराते हैं, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) 2025 के लिए 6.4% की विकास दर का अनुमान लगा रहा है।
- आंतरिक चुनौतियां: हालांकि, ये प्रभावशाली कुल संख्याएं महत्वपूर्ण आंतरिक चुनौतियों को छिपाती हैं। अर्थव्यवस्था उच्च बेरोजगारी और बढ़ती आय असमानता से जूझना जारी रखती है। अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ इन मुद्दों को श्रम-गहन क्षेत्रों में हजारों छंटनी का कारण बनकर बढ़ा सकते हैं। भारत के "उज्ज्वल स्थान" का आख्यान, जबकि मैक्रो स्तर पर सच है, कई नागरिकों के लिए जीवित आर्थिक वास्तविकता को पूरी तरह से पकड़ नहीं पाता है। मजबूत जीडीपी कुछ क्षेत्रों द्वारा संचालित हो रही है, जबकि अन्य संघर्ष कर रहे हैं, जो एक खंडित और असमान विकास प्रक्षेपवक्र का संकेत देता है।
2.4. उपभोक्ता भावना और उपभोग: घरेलू विकास का इंजन
आर्थिक चुनौतियों के बावजूद, भारत का उपभोक्ता बाजार वैश्विक हेडविंड के खिलाफ एक महत्वपूर्ण बफर रहने की उम्मीद है। चूंकि खपत भारत की आधी से अधिक अर्थव्यवस्था को चलाती है, इसलिए उत्साहित उपभोक्ता भावना अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को ऑफसेट करने में एक प्रमुख कारक है। एक रिपोर्ट इंगित करती है कि 2025 में घरेलू खर्च साल-दर-साल 6.9% की मजबूत दर से बढ़ने का अनुमान है, जो महामारी-पूर्व विकास दरों से अधिक है। इस बढ़े हुए खर्च का प्राथमिक उत्प्रेरक कम मुद्रास्फीति की निरंतर अवधि है। घरेलू बजट को मुक्त करके, कम मुद्रास्फीति परिवारों को न केवल आवश्यक वस्तुओं पर बल्कि कारों, यात्रा और आवास जैसे "बड़े टिकट वाली वस्तुओं" और "आकांक्षी खरीद" पर भी अधिक खर्च करने की अनुमति देती है। कम मुद्रास्फीति के कारण खर्च में वृद्धि का यह गुणकारी चक्र खुदरा और सेवा उद्योगों को बनाए रखता है, एक शक्तिशाली आंतरिक गतिशीलता पैदा करता है जो भारत को बाहरी झटकों का सामना करने में मदद कर रही है। शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भारतीय उपभोक्ताओं का विश्वास इस व्यापक लचीलेपन का एक वसीयतनामा है।
2.5. नीति और वित्तीय दिशा: केंद्रीय बजट 2024-25 का जनादेश
2024-25 के लिए केंद्रीय बजट अपनी घरेलू चुनौतियों का समाधान करने के लिए सरकार की रणनीतिक प्राथमिकताओं को रेखांकित करता है। बजट रोजगार सृजन और विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं के लिए कौशल के अवसर प्रदान करने पर एक मजबूत ध्यान केंद्रित करता है। प्रमुख पहलों में 1,000 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को अपग्रेड करना और कामकाजी महिला छात्रावास स्थापित करके कार्यबल में महिलाओं की उच्च भागीदारी की सुविधा प्रदान करना शामिल है। यह नीतिगत ध्यान अन्य विश्लेषणों में पहचानी गई लगातार "उच्च बेरोजगारी" और "प्रतिभा अंतर" का सीधा जवाब है।
इसके अलावा, बजट का विनिर्माण और सेवाओं पर जोर, जिसमें MSMEs के लिए मुद्रा ऋण का विस्तार शामिल है, विकास के नए इंजन बनाने और अर्थव्यवस्था में विविधता लाने का एक जानबूझकर प्रयास है। ये उपाय विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि संरक्षणवाद का वैश्विक उदय पारंपरिक व्यापार संबंधों को बाधित करने की धमकी देता है। बजट केवल संख्याओं का एक संग्रह नहीं है; यह एक रणनीतिक दस्तावेज है जो चुनौतीपूर्ण वैश्विक आर्थिक वातावरण को बेहतर ढंग से नेविगेट करने के लिए भारत के आंतरिक बुनियादी सिद्धांतों को मजबूत करना चाहता है।
2.6. महत्वपूर्ण आर्थिक चुनौतियाँ: एक सूक्ष्म दृष्टिकोण
सकारात्मक शीर्षक आंकड़ों से परे, भारतीय अर्थव्यवस्था संरचनात्मक और बाहरी दबावों का सामना करती है जिन्हें एक सूक्ष्म दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है। जबकि खपत मजबूत बनी हुई है, अमेरिकी टैरिफ कपड़ा और रत्न एवं आभूषण क्षेत्रों में हजारों श्रमिकों की छंटनी की धमकी देते हैं, जिसका घरेलू आय और उपभोक्ता भावना पर एक लहरदार प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही, भारतीय आईटी क्षेत्र, उच्च-विकास वाले डोमेन में अपने संक्रमण के बावजूद, एक लगातार "कौशल और आर एंड डी अंतर" से जूझ रहा है। कंपनियां उच्च-टर्नओवर वाले कर्मचारियों के लिए योग्य प्रतिस्थापन खोजने में असमर्थ हैं, जिससे महंगे "लैटरल हायर" पर निर्भरता बढ़ जाती है जो लाभ मार्जिन को कम कर देती है।
बढ़ते बाहरी व्यापार दबावों और आंतरिक प्रतिभा की कमी का यह संयोजन एक दीर्घकालिक जोखिम पैदा करता है। यदि छंटनी और स्थिर मजदूरी कम मुद्रास्फीति के सकारात्मक प्रभावों को कमजोर करना शुरू कर देती है, तो उपभोक्ता-संचालित विकास इंजन लड़खड़ा सकता है। कौशल पर सरकार की सक्रिय नीति इस जोखिम को कम करने का एक प्रयास है, यह सुनिश्चित करते हुए कि देश की युवा जनसांख्यिकी सामाजिक-राजनीतिक अस्थिरता के स्रोत के बजाय एक शक्तिशाली आर्थिक लाभांश बन जाए।
3. भारत में प्राकृतिक आपदाएँ और जलवायु परिवर्तन: हिमालयी क्षेत्रों में कहर
अगस्त 2025 में भारत के कई हिस्सों में गंभीर मौसमी घटनाओं का बोलबाला रहा, खासकर हिमालयी राज्यों और चेन्नई में।
3.1. पश्चिमी हिमालयी राज्यों में विनाशकारी हालात
हिमालयी क्षेत्र इस समय बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहा है। नदियों की तेज धाराएँ अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को नष्ट कर रही हैं।
- प्रभावित क्षेत्र और घटनाएँ: जम्मू-कश्मीर के उधमपुर, कटरा, और हिमाचल प्रदेश के कुल्लू व मंडी सहित उत्तराखंड के विभिन्न पहाड़ी इलाकों में बादल फटने, भूस्खलन और अचानक बाढ़ आने की घटनाएँ हुई हैं। इन राज्यों में पुल ढह गए, वाहन बह गए, उड़ानें और ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं। वैष्णो देवी की तीर्थयात्रा भी बाधित हुई है। चिनाब और तवी जैसी नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बस्तियों को खतरा है। कई इलाकों में बचाव दल संपर्क से कटे हुए गाँवों तक पहुँचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
- मौतें और नुकसान:
- जम्मू में वैष्णो देवी मंदिर मार्ग में भारी वर्षा के कारण पहाड़ धँसने से 34 लोगों की मौत हो गई। इससे पहले किश्तवाड़ के चोसिटी गाँव में 60 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
- जम्मू-कश्मीर के रामबन और रियासी जिलों में कई बादल फटने की घटनाओं के कारण कम से कम 11 लोगों की मौत हुई है, जिसमें रियासी में भूस्खलन के कारण कई बच्चे भी शामिल हैं, और रामबन में कई लोग अभी भी लापता हैं। क्षेत्र में अगस्त मानसून की घटनाओं से कुल मौतों की संख्या 120 से अधिक हो गई है।
- हिमाचल प्रदेश को वर्तमान वर्षा आपदा में 2,623.36 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। राज्य सरकार के अनुसार, अब तक 310 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 38 लापता हैं।
- कारण और विशेषज्ञ चेतावनियाँ: विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह तबाही केवल प्राकृतिक आपदा नहीं है। जलवायु परिवर्तन, बेतहाशा शहरीकरण और पर्वतीय क्षेत्रों के कमजोर बुनियादी ढाँचे के कारण स्थिति गंभीर हो चुकी है।
- बढ़ते तापमान और नमी: 2010 के बाद से पश्चिमी हिमालयी राज्यों में बादल फटने और अचानक बाढ़ जैसी घटनाएँ तेजी से बढ़ी हैं। मौसम वैज्ञानिक मानते हैं कि बढ़ते वैश्विक तापमान की वजह से हवा में नमी अधिक हो रही है, जिससे अचानक और भारी बारिश की संभावना बढ़ जाती है।
- पिघलते हिमनद और नए खतरे: हिमनदों के लगातार पिघलने और टूटने से ऐसी घटनाएँ और बढ़ रही हैं। अलकनंदा और भागीरथी नदी घाटियों में 200 से अधिक झूलते हिमनदों की पहचान की गई है, जो तेजी से पिघलने के कारण अस्थिर हो गए हैं और भारी बारिश या भूकंप के दौरान अचानक टूटकर भीषण बाढ़ ला सकते हैं।
- अव्यवस्थित निर्माण: नदियों के किनारे बिना योजना के बसी बस्तियाँ और कमजोर मकान बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को और बढ़ा रहे हैं। पहाड़ों पर बढ़ रहा निर्माण (कंक्रीट की इमारतें जंगलों की जगह ले रही हैं) पानी को रोक रहा है और पहाड़ों को असुरक्षित बना रहा है।
- टिहरी बाँध का प्रभाव: भागीरथी नदी पर बना 260.5 मीटर ऊँचा टिहरी बाँध, जिसका जलाशय चार घन किलोमीटर है, बादलों के निर्माण को बढ़ाता है, जिससे मानसूनी बारिश तेज हो जाती है।
- IPCC की रिपोर्ट: इंटरनेशनल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (IPCC) पिछले एक दशक से लगातार संकेत दे रहा है कि दुनिया में प्रकृति, पर्यावरण और पारिस्थितिकी के व्यवहार अब मानव नियंत्रण से बाहर हो चुके हैं। इस बदलती पारिस्थितिकी और पर्यावरण का सबसे गहरा असर हिमालय या फिर ध्रुवीय क्षेत्रों पर पड़ेगा।
3.2. चेन्नई में बादल फटना
चेन्नई के मनाली और आसपास के इलाकों में बादल फटने से मनाली में 24 घंटे में 27 सेमी, न्यू मनाली टाउन में 26 सेमी और विमको नगर में 23 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसके परिणामस्वरूप स्थानीय बाढ़ आ गई और फ्रैंकफर्ट, मंगलुरु और नई दिल्ली से आने वाली उड़ानों को बेंगलुरु डायवर्ट करना पड़ा।
4. भारतीय राजनीति और शासन: सुधार और विवाद
4.1. बिहार मतदाता पहचान पत्र में सुधार
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने चुनावी सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के पूरा होने के बाद बिहार के लगभग 7 करोड़ मतदाताओं को नए और अद्यतन मतदाता पहचान पत्र जारी करने की योजना की घोषणा की है।
- मुख्य सुधार: प्रत्येक कार्ड में मतदाता की नवीनतम तस्वीर का उपयोग किया जाएगा, जबकि मूल इलेक्टर्स फोटो आइडेंटिटी कार्ड (EPIC) नंबर को बनाए रखा जाएगा।
- उद्देश्य: नए कार्ड के पीछे का तर्क आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बेहतर पता लगाने की क्षमता, डुप्लिकेट को खत्म करना और मतदाता के आत्मविश्वास को बढ़ाना है।
- मतदान बूथों का युक्तिकरण: इस सुधार का महत्व न केवल बिहार के विशाल मतदाता आधार के कारण है, बल्कि इसलिए भी कि युक्तिकरण ने प्रति मतदान बूथ मतदाताओं को 1,500 से घटाकर 1,200 कर दिया है। बूथों की संख्या को 90,000 तक बढ़ाने का लक्ष्य भीड़ और अनियमितताओं को कम करना है।
- डिजिटल ट्रैकिंग: नई SOP के तहत, EPIC की डिलीवरी को डिजिटल रूप से ट्रैक किया जाएगा, जिससे प्रत्येक चरण पर SMS अपडेट प्रदान किए जाएंगे - यह भारत की विशाल चुनावी मशीनरी का आधुनिकीकरण और चल रहे पारदर्शिता सुधारों का संकेत है।
4.2. टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ एफआईआर
एक बड़ा राजनीतिक विवाद तब खड़ा हो गया जब तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ छत्तीसगढ़ के रायपुर में FIR दर्ज की गई। मोइत्रा पर कथित तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बांग्लादेश सीमा सुरक्षा के संबंध में आपत्तिजनक बयान देने का आरोप है, जिसमें घुसपैठ के खिलाफ अपर्याप्त कार्रवाई के लिए सिर कलम करने को उकसाने वाली टिप्पणी भी शामिल है।
- कानूनी आधार: यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 197 के तहत दर्ज किया गया है, जो दुश्मनी को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय एकता के लिए पूर्वाग्रहपूर्ण दावों पर केंद्रित है।
- व्यापक चर्चा: इस घटना ने जिम्मेदार भाषण, घृणास्पद भाषण कानूनों, अंतर-पक्षीय आचरण और संसदीय शिष्टाचार के बारे में व्यापक बातचीत को जन्म दिया है।
4.3. मराठा आरक्षण विरोध और मनोज जरांगे की भूख हड़ताल
नौकरियों और शिक्षा में मराठा आरक्षण की मांग तब सुर्खियों में आ गई जब कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल शुरू की। जरांगे की प्राथमिक मांग सभी मराठों को कुनबी (ओबीसी कृषि जाति) के रूप में वर्गीकृत करना है, जिससे समुदाय के लिए 10% आरक्षण सुरक्षित हो सके।
- विरोध का प्रभाव: 2023 से उनकी सातवीं भूख हड़ताल ने हजारों समर्थकों को आकर्षित किया और भारी पुलिसिंग, यातायात प्रतिबंधों और राजनीतिक बहस को जन्म दिया।
- सरकार का रुख: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री सहित सरकारी अधिकारियों ने सामाजिक और वित्तीय मांगों के प्रति खुलापन बनाए रखा, लेकिन राजनीतिक आरक्षण के संबंध में संवैधानिक बाधाओं को व्यक्त किया।
- असंतोष का प्रतिबिंब: यह अशांति सकारात्मक कार्रवाई नीतियों, जातिगत राजनीति और शासन के आसपास अनसुलझे तनावों को दर्शाती है, जो न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे भारत को इक्विटी, सामाजिक न्याय और संवैधानिक प्रक्रियाओं के बारे में चल रही बहस में उलझाती है।
4.4. ई20 (20% इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल) नीति पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर को ई20 नीति के राष्ट्रव्यापी रोलआउट को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई निर्धारित की है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि लाखों मोटर चालकों, विशेष रूप से 2023 से पहले के वाहनों वाले लोगों को ऐसे ईंधन का उपयोग करने के लिए मजबूर किया जा रहा है जिसके लिए उनके इंजन डिजाइन नहीं किए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप इंजन का क्षरण, कम दक्षता और अमान्य बीमा दावे हो रहे हैं।
- याचिका की मांग: याचिका में अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुसार अनिवार्य लेबलिंग और इथेनॉल-मुक्त पेट्रोल की निरंतर उपलब्धता की मांग की गई है।
- परिणाम का प्रभाव: परिणाम भारत के हरित ऊर्जा एजेंडे और उपभोक्ता संरक्षण नीतियों की दिशा निर्धारित कर सकता है और पर्यावरणविदों और रोजमर्रा के वाहन मालिकों दोनों के लिए प्रासंगिक है।
4.5. पीएम मोदी का 'मन की बात': स्वदेशी, आपदा लचीलापन और सामाजिक संदेश
अपने 125वें 'मन की बात' संबोधन में, प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भरता ('आत्मनिर्भर भारत') की एक नई भावना को मजबूत किया और भारतीयों से विशेष रूप से त्योहारों के मौसम के दौरान "स्वदेशी" (स्वदेशी) उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
- स्वदेशी पर जोर: "गर्व से कहें कि यह स्वदेशी है" की इस तत्काल अपील को आर्थिक राष्ट्रवाद की जरूरतों और भारतीय निर्यात पर नए अमेरिकी टैरिफ दोनों के जवाब के रूप में देखा गया।
- आपदा लचीलापन: पीएम मोदी ने मानसून से संबंधित प्राकृतिक आपदाओं के विनाशकारी परिणामों को भी स्वीकार किया, जिसमें व्यापक बाढ़, भूस्खलन और बुनियादी ढांचे का नुकसान शामिल है। उन्होंने बचाव और राहत कार्य के दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सुरक्षा बलों और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों की सराहना की।
- युवा और एकता: विशेष रूप से, पीएम ने जम्मू और कश्मीर में दो खेल विजयों को उजागर किया - पुलवामा में एक दिन-रात क्रिकेट मैच और डल झील में एक खेलो इंडिया जल क्रीड़ा महोत्सव - जो क्षेत्र के विकासशील युवाओं और प्रतिकूलता में एकता पर जोर देते हैं।
- नवाचार और सॉफ्ट पावर: उन्होंने 'प्रतिभा सेतु' जैसे अभिनव सरकारी कार्यक्रमों, सिविल सेवा के उम्मीदवारों के लिए डिजिटल भर्ती, कृषि में सौर ऊर्जा पहल और भारतीय संस्कृति और खेलों की वैश्विक मान्यता पर प्रकाश डाला। यह संबोधन, घरेलू मनोबल और विदेशों में सॉफ्ट पावर के अनुरूप, "स्थानीय के लिए मुखर" और विविधता में एकता के आख्यानों को मजबूत करता है जो परीक्षाओं और सामान्य ज्ञान के पाठकों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
5. भारत की रक्षा और सुरक्षा: आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
5.1. तेजस मार्क 1ए फाइटर जेट की डिलीवरी
रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) सितंबर 2025 के अंत तक भारतीय वायुसेना को पहले दो तेजस मार्क 1ए फाइटर जेट वितरित करने की राह पर है।
- महत्व: लंबे समय से लंबित इस कार्यक्रम को भारत की वायु शक्ति को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें 38 तेजस जेट पहले से ही परिचालन में हैं और अन्य 80 विभिन्न उत्पादन चरणों में हैं। डिलीवरी के बाद 97 अतिरिक्त जेट के लिए एक नया अनुबंध अपेक्षित है, जो HAL के बढ़ते ऑर्डर बुक में इजाफा करेगा।
- स्वदेशी क्षमता: स्वदेशी तेजस मार्क 1ए, एक चौथी-प्लस पीढ़ी का फाइटर जेट, अंततः पुराने मिग-21 को बदलेगा और रडार, एवियोनिक्स और हथियार एकीकरण में प्रगति के लिए प्रशंसित है, जो भारत की 'मेक इन इंडिया' रक्षा महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है।
5.2. ऑपरेशन सिंदूर और एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली (IADWS)
भारत ने 23 अगस्त 2025 को अपनी स्वदेशी एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली (IADWS) का सफलतापूर्वक परीक्षण करके अपनी स्वदेशी रक्षा क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण छलांग लगाई है। ओडिशा के तट पर किया गया यह परीक्षण देश की पहली "पूरी तरह से स्वदेशी बहु-स्तरीय वायु रक्षा शील्ड" को मान्य करता है। IADWS "मिशन सुदर्शन चक्र" नामक एक दीर्घकालिक दृष्टि का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देशव्यापी रक्षा प्रणाली का निर्माण करना है जो आने वाले हवाई खतरों को रोकने और उनके स्रोत पर हमला करने में सक्षम हो।
- प्रेरणा और परीक्षण: यह उपलब्धि स्वदेशीकरण पर एक नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने का सीधा परिणाम है, जो हाल के सैन्य अभियानों से सीखे गए पाठों से प्रेरित है। मई में "ऑपरेशन सिंदूर", जहाँ भारत के बचाव ने पाकिस्तान द्वारा उपयोग किए जाने वाले तुर्की- और चीनी-मूल के ड्रोन को विफल कर दिया, ने घर-निर्मित प्रणालियों के लिए रणनीतिक अनिवार्यता को लाइव युद्ध परिदृश्यों में परीक्षण करने के लिए सुदृढ़ किया। IADWS परीक्षण एक अलग घटना नहीं है, बल्कि इस रणनीतिक बदलाव का एक ठोस परिणाम है, जो आत्मनिर्भर प्रौद्योगिकी के साथ भविष्य के संघर्षों की तैयारी का एक स्पष्ट पैटर्न प्रदर्शित करता है।
- प्रणाली की बहुमुखी प्रतिभा: प्रणाली की बहुमुखी प्रतिभा तीन हवाई लक्ष्यों - दो उच्च गति वाले मानवरहित हवाई वाहनों (यूएवी) और एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन - को विभिन्न ऊंचाइयों और सीमाओं पर एक साथ संलग्न करने और नष्ट करने की क्षमता से सिद्ध हुई थी।
- घटक और क्षमताएँ: IADWS में तीन प्रमुख स्वदेशी प्रौद्योगिकियाँ शामिल हैं: त्वरित प्रतिक्रिया सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें (QRSAM), मानव-पोर्टेबल बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली (VSHORADS), और एक उच्च शक्ति वाली लेजर-आधारित निर्देशित ऊर्जा हथियार (DEW)। रक्षा अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला (DRDL) द्वारा विकसित एक केंद्रीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र, यह सुनिश्चित करता है कि सभी घटक - रडार, संचार नेटवर्क, मिसाइल बैटरी और निर्देशित-ऊर्जा हथियार - प्रतिक्रिया समय और सटीकता को अधिकतम करने के लिए एक साथ कार्य करें। DRDO के प्रमुख, समीर वी कामत ने कहा है कि यह सिर्फ शुरुआत है, क्योंकि वे "उच्च-ऊर्जा माइक्रोवेव और विद्युत चुम्बकीय दालों" पर भी काम कर रहे हैं ताकि "स्टार वार्स क्षमता" हासिल की जा सके।
- जेट इंजन की कमी: इन महत्वपूर्ण सफलताओं के बावजूद, भारत के रक्षा स्वदेशीकरण प्रयासों में अभी भी एक महत्वपूर्ण कमजोरी है: जेट इंजन प्रौद्योगिकी में महारत हासिल करने में असमर्थता। यह "जेट इंजन गैप" तेजस फाइटर और AMCA स्टील्थ विमान जैसे प्रमुख परियोजनाओं को रोके हुए है। इस प्रमुख घटक के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर देश की दीर्घकालिक निर्भरता कुछ क्षेत्रों में इसकी सफलता और दूसरों में एक लगातार रणनीतिक सीमा के बीच एक स्पष्ट विरोधाभास को उजागर करती है।
5.3. वीरता पुरस्कार प्रणाली में सुधार की आवश्यकता
'ऑपरेशन सिंदूर' नामक उच्च-प्रौद्योगिकी युद्ध में भाग लेने वाले सैनिकों को 14 अगस्त को वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, जिसमें 127 सैनिकों को वीरता पुरस्कार, 40 को विशिष्ट सेवा पुरस्कार और 290 को 'मेंशन इन डिस्पैच' सम्मान मिला। 1971 के बाद 'ऑपरेशन सिंदूर' सैनिकों के लिए सबसे शानदार अवसर साबित हुआ। हालाँकि, इस पुरस्कार प्रणाली में कुछ गंभीर खामियाँ और चिंताएँ उजागर हुई हैं:
- प्रशस्ति पत्रों का सार्वजनिक न होना: पुरस्कारों के साथ दिए जाने वाले प्रशस्ति पत्र, जिनमें उन परिस्थितियों का उल्लेख होता है जिनके लिए सैनिक को सम्मानित किया जाता है, उन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसा इन पुरस्कारों की स्थापना के बाद शायद पहली बार हुआ है।
- शहीदों/घायलों की सूची का अभाव: इस कार्रवाई में मारे गए या घायल हुए सैनिकों की सूची भी औपचारिक रूप से जारी नहीं की गई है। इससे देशवासियों को अपने नायकों की वीरता के ब्योरों से वंचित रखा गया है।
- पुरस्कारों के मानदंड पर सवाल: 'ऑपरेशन सिंदूर' में किसी सीमा रेखा का उल्लंघन नहीं किया गया, दुश्मनों से कोई सीधी टक्कर नहीं हुई, सैनिकों से ज्यादा दूसरे नागरिक मारे गए, और सारे हमले दूर से किए गए। इससे यह विवादास्पद सवाल उठता है कि क्या ऐसी कार्रवाइयाँ वीरता पुरस्कार की शर्तों को पूरा करती हैं, जिनके लिए 'दुश्मन की मौजूदगी या उससे सामना' और 'आत्म बलिदान, शौर्य, साहस, और वीरता का प्रदर्शन' जैसी दो शर्तें जरूरी हैं।
- निष्पक्षता का अभाव और झूठे दावे: पुरस्कारों के लिए चयन प्रक्रिया में मानवीय गलतियाँ और व्याख्या की व्यापक गुंजाइश है। यूनिटें ज्यादा से ज्यादा वीरता पुरस्कार हासिल करना चाहती हैं, जिससे बढ़े-चढ़े और झूठे दावे करने को प्रोत्साहन मिलता है। कमांड और सेना मुख्यालयों में संतुलन साधने की कोशिशों के बावजूद, बड़ी संख्या के कारण पूरी व्यवस्था एक लॉटरी का रूप ले लेती है।
- मिशन पूरा करने को वीरता के रूप में: उच्च-प्रौद्योगिकी युद्ध में आमने-सामने की लड़ाई दुर्लभ हो गई है, इसलिए वीरता को मिशन की कामयाबी या एक्शन के दौरान मारे जाने से परिभाषित किया जाने लगा है, चाहे ये किसी भी हालात में हुए हों। 'ऑपरेशन सिंदूर' में नौ पायलटों को वीरता के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया, जबकि बालाकोट हमले के पायलटों को युद्ध सेवा मेडल मिला था।
- विफलताओं को छुपाने और राजनीतिक लाभ: कभी-कभी बड़ी असफलताओं को छुपाने या युद्ध में कामयाबी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के लिए सेना के कमांडर लड़ाई का काल्पनिक विवरण पेश करते हैं और पुरस्कारों का राजनीतिक लाभ उठाते हैं। 'ऑपरेशन सिंदूर' के मामले में यह प्रवृत्ति साफ नजर आती है।
- घायल या मारे गए सैनिकों को कम मान्यता: युद्ध में घायल होने वाले सैनिकों को मान्यता दी जाती है, लेकिन किसी 'एक्शन' में मारे गए सैनिक को कोई मेडल नहीं मिलता, जबकि वे बेहतर मान्यता के हकदार हैं।
- वरिष्ठ अधिकारियों का प्रभुत्व: युद्ध या शांतिकाल में विशिष्ट सेवा के लिए दिए जाने वाले अधिकतर पुरस्कार वरिष्ठ अधिकारी ले जाते हैं। 'ऑपरेशन सिंदूर' में अकेले सात वरिष्ठ अधिकारियों को 'सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल' दिया गया, जबकि इसकी स्थापना के बाद से कुल जितने वरिष्ठ अधिकारियों को यह मिला था, उससे दोगुना है।
- सुधार के लिए सुझाव: सरकार और सेनाओं को सभी श्रेणी के पुरस्कारों के लिए चयन प्रक्रिया की गहन समीक्षा करनी चाहिए। वीरता पुरस्कार प्रक्रिया को बेहतर बनाया जाए और उसके लिए स्वतंत्र जांच की व्यवस्था की जानी चाहिए। उच्च-प्रौद्योगिकी युद्ध में मिशन पूरा करने के लिए एक अलग श्रेणी का पुरस्कार स्थापित किया जाना चाहिए। युद्ध क्षेत्र में एक्शन के दौरान या उससे जुड़े हादसे में मारे जाने और घायल होने वाले सभी सैनिकों के लिए एक मेडल निश्चित किया जाना चाहिए।
6. सामाजिक विकास और प्रौद्योगिकी: नवाचार और चुनौतियाँ
6.1. एजुकेट गर्ल्स को रेमन मैगसेसे पुरस्कार
भारतीय गैर-लाभकारी संस्था 'एजुकेट गर्ल्स' को वर्ष 2025 का प्रतिष्ठित रेमन मैगसेसे पुरस्कार मिला है। यह संस्था देश के दूरदराज इलाकों में स्कूल से वंचित लड़कियों की शिक्षा के लिए कार्य कर रही है। 'एजुकेट गर्ल्स' यह पुरस्कार जीतने वाला पहला भारतीय संगठन बन गया है, जिसने एक नया इतिहास रचा है।
- पुरस्कार का महत्व: 'एशिया का नोबेल' कहे जाने वाला रेमन मैगसेसे पुरस्कार, इस क्षेत्र में लोगों द्वारा की गई नि:स्वार्थ सेवा और उत्कृष्ट मानवीय मूल्यों को सम्मानित करता है। वर्ष 2025 के अन्य दो विजेताओं में मालदीव की शाहिना अली (पर्यावरण संरक्षण) और फिलीपीन के फ्लेवियानो एंटोनियो एल. विलानुएवा (सामाजिक योगदान) शामिल हैं।
- स्थापना और मिशन: 'एजुकेट गर्ल्स' की स्थापना वर्ष 2007 में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की स्नातक सफीना हुसैन ने की थी। भारत में महिला निरक्षरता की गंभीर समस्या को देखकर उन्होंने देश लौटने और इस दिशा में काम करने का फैसला किया। राजस्थान से शुरुआत करते हुए, संस्था ने उन समुदायों की पहचान की जहाँ लड़कियों की शिक्षा सबसे अधिक उपेक्षित थी।
- उपलब्धियाँ:
- डेवलपमेंट इम्पैक्ट बॉन्ड (DIB): साल 2015 में, 'एजुकेट गर्ल्स' ने शिक्षा क्षेत्र में दुनिया का पहला 'डेवलपमेंट इम्पैक्ट बॉन्ड' (DIB) लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य वित्तीय सहायता को ठोस परिणामों से जोड़ना था।
- पहुँच और प्रभाव: इसकी शुरुआत केवल 50 ग्रामीण स्कूलों से हुई थी, लेकिन समय के साथ संस्था ने भारत के सबसे पिछड़े इलाकों के 30,000 से अधिक गाँवों तक अपनी पहुँच बनाई। इस पहल से 20 लाख से ज्यादा लड़कियाँ लाभान्वित हुईं, और इनकी शिक्षा जारी रखने की दर 90 प्रतिशत से अधिक रही।
- प्रगति कार्यक्रम: 'एजुकेट गर्ल्स' ने प्रगति नामक एक ओपन स्कूल प्रोग्राम भी शुरू किया, जिसका उद्देश्य 15 से 29 वर्ष की लड़कियों और युवतियों को अधूरी शिक्षा पूरी करने और भविष्य के अवसरों का लाभ उठाने में मदद करना है। यह कार्यक्रम 300 छात्राओं के साथ शुरू हुआ था और अब बढ़कर 31,500 से अधिक हो गया है।
- सफीना हुसैन का बयान: संस्थापक सफीना हुसैन ने इस सम्मान को "एजुकेट गर्ल्स और पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि" करार दिया।
6.2. त्रिपुरा में साइबर धोखाधड़ी का खुलासा
त्रिपुरा में साइबर अपराधियों ने बीते कुछ सालों में आम लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धंकर ने बताया कि 2021 से अब तक राज्य के 269 लोग साइबर फ्रॉड के शिकार बने हैं, और उन्हें कुल 51.49 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
- बढ़ते आँकड़े: साल 2021 में साइबर ठगी से 1.98 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था, जो बढ़कर 2024 में 25.54 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। हालांकि, लोगों में जागरूकता बढ़ने के कारण मामलों की संख्या में गिरावट देखने को मिल रही है।
- धोखाधड़ी के तरीके: ठगों ने फर्जी बिजली और गैस बिल, धोखाधड़ी वाले निवेश स्कीम, पुलिस या आयकर अधिकारियों के नाम पर ठगी, ओटीपी चोरी, सोशल मीडिया पर परेशान करना, ऑनलाइन लॉटरी और होटल बुकिंग प्लेटफॉर्म के जरिए धोखाधड़ी जैसी घटनाओं को अंजाम दिया।
- वसूली और फ्रीज: अब तक 33.84 लाख रुपये बरामद किए गए हैं, जबकि लगभग 5.76 करोड़ रुपये 20,387 फ्रीज किए गए बैंक खातों में सुरक्षित हैं। पुलिस इन पैसों को पीड़ितों तक पहुँचाने के लिए कानूनी प्रक्रिया में जुटी है।
- पुलिस की सलाह: DGP ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है - मोबाइल फोन या कंप्यूटर में केवल आवश्यक ऐप ही इंस्टॉल करें, पासवर्ड मजबूत रखें और समय-समय पर उन्हें बदलते रहें। सोशल मीडिया पर फैले फर्जी विज्ञापनों, खासकर 'वर्क फ्रॉम होम' जैसे झाँसे से दूर रहने की सलाह दी गई है।
6.3. डिजिटल इंडिया: प्रवेश, समानता और मोबाइल-फर्स्ट वास्तविकता
भारत का डिजिटल वातावरण जीवंत है लेकिन इसमें गहरी असमानताएं हैं। देश में 806 मिलियन इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं, जो कुल आबादी का 55.3% है, और 491 मिलियन सोशल मीडिया उपयोगकर्ता हैं। 96% भारतीय मोबाइल फोन के माध्यम से इंटरनेट का उपयोग करते हैं, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े "मोबाइल-फर्स्ट" डिजिटल समुदायों में से एक बन जाता है। हालांकि, डिजिटल क्रांति समान रूप से वितरित नहीं है। "एक महत्वपूर्ण ग्रामीण आबादी तक अभी तक नहीं पहुंचा जा सका है," और सोशल मीडिया उपयोग में एक महत्वपूर्ण लिंग असमानता है।
- लिंग असमानता: 18-34 आयु वर्ग में प्रत्येक एक महिला उपयोगकर्ता के लिए दो से अधिक पुरुष सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के अनुपात के साथ, लिंग असमानता इंगित करती है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के लाभ - जैसे सूचना तक पहुंच, कौशल और ई-कॉमर्स - महिलाओं और लड़कियों तक पुरुषों के समान दर पर नहीं पहुंच रहे हैं। यह "डिजिटल समानता" की कमी आय असमानता और सामाजिक न्याय की मौजूदा चुनौतियों में एक और परत जोड़ती है। महिलाओं और लड़कियों को लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं के लिए सरकार द्वारा 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन इन सामाजिक असमानताओं और अंतर को पाटने के नीतिगत इरादे का सुझाव देता है।
6.4. सांस्कृतिक रुझान: बॉक्स ऑफिस और डिजिटल मनोरंजन क्रांति
भारतीय फिल्म उद्योग पारंपरिक नाटकीय रिलीज और आधुनिक ओवर-द-टॉप (OTT) प्लेटफार्मों के बीच एक स्पष्ट तालमेल के साथ पनपना जारी रखता है। अगस्त 2025 में कई अत्यधिक प्रत्याशित बड़े बजट वाली फिल्मों की रिलीज देखी गई, जिसमें एक्शन स्पाई थ्रिलर वार 2 भी शामिल है, जिसके बॉक्स ऑफिस ब्लॉकबस्टर होने की उम्मीद थी। साथ ही, कई फिल्में जो पिछले महीनों में नाटकीय रूप से प्रदर्शित हुई थीं, प्रमुख ओटीटी प्लेटफार्मों पर प्रीमियर हुईं, जिनमें अमेजन प्राइम वीडियो पर हरि हारा वीरा मल्लू और नेटफ्लिक्स पर मारेसन शामिल हैं।
- खपत मॉडल में बदलाव: त्वरित नाटकीय-से-ओटीटी रिलीज विंडो का यह पैटर्न भारतीय मनोरंजन खपत मॉडल में एक मौलिक बदलाव को इंगित करता है। उद्योग अब केवल बॉक्स ऑफिस की सफलता पर निर्भर नहीं है; नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम वीडियो जैसे प्लेटफार्मों द्वारा डिजिटल अधिकारों का अधिग्रहण एक महत्वपूर्ण राजस्व धारा और एक व्यापक, अधिक खंडित दर्शकों तक पहुंचने का एक तरीका बन गया है। यह विकास भारत की जनसांख्यिकी की "मोबाइल-फर्स्ट" और उच्च इंटरनेट पैठ वास्तविकता को दर्शाता है। ओटीटी रिलीज ग्रामीण नाटकों और व्यंग्यात्मक कॉमेडी से लेकर राजनीतिक थ्रिलर तक सामग्री की अधिक विविधता के लिए एक मंच भी प्रदान करते हैं, जिन्हें शायद व्यापक नाटकीय वितरण नहीं मिला होगा।
6.5. एआई और तकनीकी नवाचार (वैश्विक संदर्भ)
अगस्त 2025 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण वैश्विक विकास हुए, जो तकनीकी नवाचार में तेजी और उद्यम की जरूरतों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
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एआई मॉडल रिलीज:
- ओपनएआई कोडेक्स अपग्रेड (OpenAI Codex Upgrade): ओपनएआई ने GPT-5 द्वारा संचालित अपने कोडेक्स कोडिंग असिस्टेंट को एक नए IDE एक्सटेंशन, गिटहब कोड समीक्षाओं, ताज़ा CLI और क्लाउड-से-स्थानीय कार्य शिफ्टिंग के साथ बढ़ाया है।
- माइक्रोसॉफ्ट MAI मॉडल (Microsoft MAI Models): माइक्रोसॉफ्ट ने अपने पहले इन-हाउस एआई मॉडल, MAI-Voice-1 और MAI-1-preview लॉन्च किए हैं, जिन्हें 15K NVIDIA H100 GPUs पर प्रशिक्षित किया गया है, जो OpenAI पर भारी निर्भरता से बदलाव का संकेत देता है।
- xAI ग्रोक कोड फास्ट 1 (xAI Grok Code Fast 1): xAI ने गिटहब कोपायलट, कर्सर और विंडसर्फ के लिए अनुकूलित एक मुफ्त कोडिंग मॉडल जारी किया, जिसमें गति और अर्थव्यवस्था पर जोर दिया गया।
- नूस हर्मेस 4 (Nous Hermes 4): नूस रिसर्च ने हर्मेस 4 एआई मॉडल का अनावरण किया, जो बिना सामग्री प्रतिबंधों के बेंचमार्क पर चैटजीपीटी से बेहतर प्रदर्शन करते हैं, जो असेंसर क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
- नेक्सा ओमनीन्यूरल-4बी (NEXA OmniNeural-4B): नेक्सा एआई ने दुनिया का पहला NPU-जागरूक मल्टीमॉडल मॉडल (टेक्स्ट, छवि, ऑडियो) पेश किया, जिसने 9x तेज ऑडियो और 3.5x तेज छवि प्रसंस्करण हासिल किया।
- xAI नया भौतिक विश्व मॉडल (xAI New Physical World Model): xAI ने भौतिक पर्यावरण की बेहतर समझ के लिए एक मॉडल लॉन्च किया, जिसमें रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियों में अनुप्रयोग हैं।
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नए शोध पत्र:
- विजुअल-कॉग फ्रेमवर्क (Visual-CoG Framework): एक ट्रेंडिंग पेपर विजुअल-कॉग का परिचय देता है, एक स्टेज-जागरूक सुदृढीकरण सीखने की श्रृंखला जो जटिल संकेतों को तोड़कर एआई छवि पीढ़ी में सुधार करती है, मल्टी-ऑब्जेक्ट बेंचमार्क पर 83% की वृद्धि हासिल करती है।
- पदानुक्रमित तर्क मॉडल (HRM) (Hierarchical Reasoning Model): सिंगापुर के शोधकर्ताओं ने केवल 27M मापदंडों के साथ एक मस्तिष्क-प्रेरित HRM विकसित किया, जो क्लॉड 3 और डीपसीक को ARC-AGI बेंचमार्क पर बेहतर प्रदर्शन करता है, जो पैमाने पर कुशल वास्तुकला पर जोर देता है।
- एजेंटफ्लाई (AgentFly): एजेंटफ्लाई पर एक नया पेपर LLM को फाइन-ट्यून किए बिना एजेंट सीखने में सक्षम बनाता है, वास्तविक समय अनुकूलन के लिए एपिसोडिक मेमोरी, RL और न्यूरल केस-सिलेक्शन का उपयोग करता है।
- BRAID फ्रेमवर्क (BRAID Framework): ओपनसर्व एआई का बाउंडेड रीजनिंग फॉर ऑटोनॉमस इंफेरेंस एंड डिसीजन (BRAID) तर्क कार्यों में शीर्ष मॉडल को बेहतर प्रदर्शन करते हुए लागत को 40 गुना कम करता है।
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ओपन-सोर्स परियोजनाएं और उपकरण:
- गिटहब कोपायलट मल्टी-मॉडल सपोर्ट (GitHub Copilot Multi-Model Support): क्लॉड, जेमिनी और GPT मॉडल को शामिल करने के लिए अपग्रेड किया गया, जिसमें सक्रिय कोड सुझावों के लिए बेहतर शिक्षण उपकरण और जेटब्रेन्स एकीकरण शामिल है।
- नेक्साएमएल टूलकिट (nexaML Toolkit): नेक्सा एआई का SOTA मॉडल के लिए एक-लाइन स्थानीय रनर, पीसी, मोबाइल और IoT का समर्थन करता है।
- क्लाउडफ्लेयर रियल-टाइम वॉयस एआई टूल्स (Cloudflare Real-Time Voice AI Tools): वॉयस-सक्षम ऐप बनाने के लिए नई क्षमताएं, जिसमें वेबआरटीसी ऑडियो पाइपिंग, वेबसॉकेट अनुमान और वैश्विक एज नेटवर्क पर डीपग्राम एकीकरण शामिल है।
- ओपनएआई-एंथ्रोपिक संयुक्त सुरक्षा मूल्यांकन (OpenAI-Anthropic Joint Safety Assessment): मॉडल का ऐतिहासिक क्रॉस-मूल्यांकन, जिसमें चापलूसी और खतरों जैसे मुद्दे सामने आए, ने एआई सुरक्षा के लिए नए खुले मानक स्थापित किए।
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अन्य प्रमुख अपडेट और घोषणाएं:
- NVIDIA Q2 राजस्व वृद्धि: कुल राजस्व $46.7 बिलियन बताया गया, जिसमें डेटा केंद्रों से $41.1 बिलियन, एआई इन्फ्रा मांग वृद्धि को उजागर करता है।
- एंथ्रोपिक डेटा नीति परिवर्तन: व्यक्तिगत उपयोगकर्ता 28 सितंबर से चैट डेटा प्रशिक्षण से बाहर निकल सकते हैं, जिसमें प्रतिभागियों के लिए अवधारण को 5 साल तक बढ़ाया गया है।
- इंट्यूट एआई रणनीति पुनर्निर्माण: चैटबॉट असफलताओं के बाद, इंट्यूट ने ग्राहक वर्कफ़्लो पर केंद्रित सफल एआई एजेंट तैनात किए।
- वाइब कोडिंग ट्रेंड: डेवलपर्स मैनुअल कोडिंग पर प्राकृतिक भाषा संकेतों पर स्विच कर रहे हैं, रचनात्मकता को बढ़ावा दे रहे हैं लेकिन कौशल संबंधी चिंताओं को बढ़ा रहे हैं।
7. वैश्विक घटनाक्रम: संघर्ष, नीतिगत बदलाव और खेल
7.1. रूस-यूक्रेन संघर्ष
रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर रात भर हमला किया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 24 घायल हो गए। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टों के अनुसार, कीव और अन्य शहरों पर रात भर हुए हमलों में चार बच्चों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए। यूक्रेन की वायु सेना ने बताया कि रूस ने 598 ड्रोन और 31 मिसाइलें दागीं। अकेले राजधानी में हताहतों की संख्या बढ़कर कम से कम 22 हो गई। यूक्रेनी सांसद एंड्री पारुबी की ल्वीव में "सावधानीपूर्वक योजनाबद्ध" गोलीबारी में हत्या कर दी गई।
7.2. इजराइल-हिजबुल्लाह तनाव
इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के सैन्य बुनियादी ढांचे पर हमला किया, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया। इजराइल रक्षा बलों (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में ब्यूटी रिज में हिजबुल्लाह के सैन्य बुनियादी ढांचे - जिसमें भूमिगत सुविधाएं भी शामिल थीं - को निशाना बनाने की घोषणा की। लेबनान की समाचार एजेंसी ने प्रभावित क्षेत्र में व्यापक मिसाइल हमलों और महत्वपूर्ण क्षति की सूचना दी। आईडीएफ ने अपनी कार्रवाई को इस बात पर जोर देकर उचित ठहराया कि यह साइट लेबनान के साथ मौजूदा समझौतों का उल्लंघन करती है, जिसमें गाजा संघर्ष के दौरान इस क्षेत्र को पहले झड़पों से जोड़ा गया था।
- निरंतर अस्थिरता: चल रही संघर्ष विराम वार्ताओं के बावजूद, इजराइली सेना अपने संचालन जारी रखे हुए है, जो मध्य पूर्व में चल रही अस्थिरता और लेबनान-इजराइल सीमा व्यवस्था की अनिश्चित स्थिति का संकेत देता है। यह वृद्धि क्षेत्र में संभावित स्पिलओवर को ट्रैक करने वाले अंतरराष्ट्रीय अभिनेताओं के लिए चिंता का विषय है।
7.3. ट्रम्प के विवादास्पद प्रस्ताव
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रक्षा विभाग का नाम बदलकर "युद्ध विभाग" करने का प्रस्ताव दिया, जिससे वैश्विक बहस छिड़ गई। ट्रम्प ने जोर देकर कहा कि "केवल रक्षा" अपर्याप्त थी और ऐतिहासिक नामकरण पर लौटने से ताकत का अनुमान लगाया गया था। इस सुझाव को वर्तमान रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी दोहराया, हालांकि कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बदलाव के लिए कांग्रेस की मंजूरी की आवश्यकता होगी।
- सार्वजनिक प्रतिक्रिया: सार्वजनिक प्रतिक्रिया मिली-जुली रही है, आलोचकों ने चेतावनी दी है कि यह बदलाव अधिक आक्रामक सैन्य रुख का संकेत देता है, जबकि समर्थक तर्क देते हैं कि यह ऐतिहासिक जीत और मिशन की स्पष्टता का सम्मान करता है। बहस नीति प्रतीकात्मकता और अमेरिकी रणनीतिक विमर्श में कठोर शक्ति की पुनः पुष्टि की ओर व्यापक रुझानों का भी संकेत देती है।
7.4. ब्राजील में बोल्सोनारो का मुकदमा
ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो को ब्रासीलिया के सुप्रीम कोर्ट में उनके तख्तापलट के साजिश के मुकदमे में एक उच्च-प्रोफ़ाइल फैसले का सामना करना पड़ा, जो 2 सितंबर 2025 को शुरू होने वाला है। बोल्सोनारो और प्रमुख सहयोगियों पर पांच आरोप लगाए गए हैं, जिसमें 2022 का चुनाव हारने के बाद तख्तापलट की साजिश रचना, एक सशस्त्र आपराधिक संगठन का नेतृत्व करना, लोकतंत्र का हिंसक दमन और 8 जनवरी 2023 को सरकारी भवन हमलों को उकसाना शामिल है। अधिकतम सजा 30 साल से अधिक हो सकती है।
- राजनीतिक निहितार्थ: मुकदमे का उच्च तनाव पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प के हस्तक्षेप से बढ़ गया है - ब्राजील से संबंधित टैरिफ को परिणाम से जोड़ना, इसे "विच हंट" कहना - इस प्रकार वैश्विक लोकलुभावन राजनीति को ब्राजील की न्यायिक प्रक्रिया के साथ जोड़ना। इस मामले को ब्राजील की न्यायिक स्वतंत्रता, कानून के शासन और लैटिन अमेरिका में लोकतांत्रिक संस्थानों के लचीलेपन के लिए एक लिटमस टेस्ट के रूप में देखा जाता है।
7.5. पूर्वी टेक्सास में बहु-वाहन दुर्घटना
पूर्वी टेक्सास के लिंडेल के पास इंटरस्टेट-20 पर एक गंभीर बहु-वाहन दुर्घटना हुई, जिसमें दो ट्रैक्टर-ट्रेलर और छह यात्री कारें शामिल थीं। सत्रह व्यक्तियों को गैर-जानलेवा चोटों के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, और राजमार्ग घंटों तक बंद रहा, जबकि आपातकालीन टीमों ने सड़क से फैले तेल और डीजल को साफ किया। टेक्सास लोक सुरक्षा विभाग ने दुर्घटना के कारण की जांच शुरू की। यह घटना सार्वजनिक सुरक्षा प्रबंधन, राजमार्ग नियमों और आपातकालीन तत्परता के संबंध में अमेरिका में चल रही बहस को बढ़ावा देती है।
8. खेल जगत की खबरें: क्रिकेट और टेनिस
8.1. क्रिकेट अपडेट्स
- दलीप ट्रॉफी: आयुष बडोनी के शानदार दोहरे शतक की बदौलत नॉर्थ जोन ने दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। तिलक वर्मा एशिया कप के लिए दलीप ट्रॉफी छोड़ेंगे, और मोहम्मद अजहरुद्दीन साउथ जोन की कप्तानी करेंगे। अर्शदीप सिंह ने मोहम्मद सिराज से मिली "छोटी सी टिप" का खुलासा किया।
- आईपीएल और पुरस्कार: आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी ने खुलासा किया कि 2007 के टी20 विश्व कप से पहले उन्होंने भारतीय टीम से वादा किया था कि जो भी एक ओवर में छह छक्के लगाएगा या छह विकेट लेगा, उसे वह एक पोर्श कार देंगे, और युवराज सिंह ने यह कारनामा किया। सुरेश रैना ने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर शेन वॉटसन को सबसे प्रतिस्पर्धी क्रिकेटर चुना।
- द हंड्रेड: मुंबई इंडियंस की सहयोगी टीम ओवल इनविंसिबल्स 31 अगस्त को पुरुषों की द हंड्रेड प्रतियोगिता के 2025 संस्करण के फाइनल में ट्रेंट रॉकेट्स से भिड़ेगी। यदि वे जीतते हैं, तो वे टी20 लीग में लगातार तीन खिताब जीतने वाली इतिहास की पहली टीम बन जाएगी।
- अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट: जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले वनडे में धीमी ओवर गति के लिए श्रीलंका पर मैच फीस का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। राहुल द्रविड़ ने IPL 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच पद से इस्तीफा दे दिया है। पाकिस्तान ने एक त्रिकोणीय T20I श्रृंखला में UAE को 31 रनों से हराया।
- भारतीय हॉकी टीम: भारतीय हॉकी टीम ने रोमांचक मुकाबले में जापान को 3-2 से हराया, कप्तान हरमनप्रीत सिंह फिर चमके।
8.2. यूएस ओपन टेनिस
2025 यूएस ओपन ने वैश्विक ध्यान आकर्षित करना जारी रखा, जिसमें उल्लेखनीय उलटफेर और रोमांचक मैचों के बीच शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी आगे बढ़े।
- पुरुष एकल: गत चैंपियन जानिक सिनर ने डेनिस शापोवालोव को एक सेट से हराकर वापसी की। अलेक्जेंडर ज्वेरेव और कार्लोस अलकराज जैसे शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ियों ने भी मजबूत प्रदर्शन किया।
- महिला एकल: इगा स्वियातेक ने अन्ना कालिंस्काया को पहले सेट में पिछड़ने के बाद हराया, जबकि कोको गॉफ ने मैग्डालेना फ्रेच पर हावी होकर नाओमी ओसाका के साथ एक बड़े मुकाबले के लिए मंच तैयार किया।
- अमेरिकी खिलाड़ी: टेलर फ्रिट्ज और टेलर टाउनसेंड चोट के कारण संन्यास लेने और उलटफेर के बाद भी ड्रॉ में जीवित रहने वाले कुछ मेजबान राष्ट्र के खिलाड़ियों में से थे।
निष्कर्ष
31 अगस्त 2025 का दिन भारत और विश्व दोनों के लिए एक जटिल और बहु-स्तरीय आख्यान प्रस्तुत करता है। भारत के लिए, यह एक अस्थिर वैश्विक वातावरण के सामने रणनीतिक स्वायत्तता और लचीले विकास की कहानी है। देश अब भू-राजनीतिक परिवर्तनों का निष्क्रिय प्राप्तकर्ता नहीं है, बल्कि एक सक्रिय एजेंट है, जो बढ़ते संरक्षणवाद और अस्थिरता की दुनिया को नेविगेट करने के लिए चीन से जापान तक विभिन्न भागीदारों के साथ सामरिक रूप से जुड़ा हुआ है। यह बहु-संरेखण रणनीति, पारंपरिक द्विआधारी निष्ठाओं से एक प्रस्थान, अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों को अधिकतम करने के लिए एक चतुर दृष्टिकोण साबित हो रही है।
भारत को अपनी स्थिति का लाभ उठाने के लिए अपनी घरेलू चुनौतियों का समाधान करना जारी रखना चाहिए। कौशल और रोजगार पर सरकार की सक्रिय नीति यह सुनिश्चित करने के लिए एक रणनीतिक आवश्यकता है कि जनसांख्यिकीय लाभांश पूरी तरह से साकार हो। साथ ही, इसे अपनी रक्षा स्वदेशीकरण को तेज करना चाहिए ताकि जेट इंजन की भेद्यता जैसे महत्वपूर्ण अंतरालों को बंद किया जा सके, ताकि इसकी रणनीतिक स्वायत्तता पूर्ण हो और केवल एक आकांक्षा न हो। अपने सबसे उन्नत लड़ाकू विमान के लिए एक प्रमुख घटक का उत्पादन करने में असमर्थता एक स्पष्ट अनुस्मारक बनी हुई है कि आत्मनिर्भरता एक सतत परियोजना है।
भारत के लिए आगे का मार्ग एक नाजुक संतुलन अधिनियम द्वारा परिभाषित है। एक ओर, इसमें भू-राजनीतिक विखंडन और संरक्षणवाद के "नए सामान्य" को नेविगेट करने के लिए मजबूत घरेलू बुनियादी सिद्धांत और एक चतुर विदेश नीति है। दूसरी ओर, इसे लगातार बेरोजगारी, सामाजिक असमानताओं और एक नाजुक वैश्विक अर्थव्यवस्था से निपटना होगा जहां व्यापार विखंडन और लगातार संघर्ष शीर्ष जोखिम बने हुए हैं। इन आपस में जुड़ी अवसरों और जोखिमों को प्रबंधित करने की क्षमता आने वाले वर्षों में भारत की प्रक्षेपवक्र और तेजी से अनिश्चित दुनिया में नेतृत्व करने की इसकी क्षमता को निर्धारित करेगी।
31 अगस्त 2025 के समाचारों पर आधारित 100 प्रश्न उत्तर
यहाँ 31 अगस्त 2025 के समाचारों पर आधारित 100 प्रश्न उत्तर की सूची दी गई है:
प्रश्न: अगस्त 2025 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजारों से कितनी राशि निकाली?
उत्तर: विदेशी निवेशकों ने अगस्त 2025 में भारतीय शेयर बाजारों से 34,993 करोड़ रुपये निकाले।
प्रश्न: अगस्त 2025 में हुई यह बिकवाली पिछले कितने महीनों में सबसे तेज थी?
उत्तर: यह बिकवाली पिछले छह महीनों में सबसे तेज थी।
प्रश्न: जुलाई 2025 में विदेशी निवेशकों ने कितनी बिकवाली की थी?
उत्तर: जुलाई 2025 में 17,741 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई थी।
प्रश्न: अगस्त 2025 में बिकवाली के प्रमुख कारण क्या थे?
उत्तर: अगस्त 2025 में बिकवाली के प्रमुख कारण भारतीय निर्यात पर अमेरिकी शुल्क और महंगा घरेलू मूल्यांकन थे।
प्रश्न: भारतीय निर्यात पर कितना अमेरिकी शुल्क लगाया गया था?
उत्तर: भारतीय निर्यात पर 50 प्रतिशत तक अमेरिकी शुल्क लगाया गया था।
प्रश्न: 2025 तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने इक्विटी में कुल कितनी बिकवाली की है?
उत्तर: 2025 तक एफपीआई ने इक्विटी में कुल 1.3 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली की है।
प्रश्न: मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट के संयुक्त निदेशक हिमांशु श्रीवास्तव ने बिकवाली के अन्य कारण के रूप में क्या बताया?
उत्तर: उन्होंने बताया कि जून तिमाही में कुछ प्रमुख क्षेत्रों की कंपनियों की आय उम्मीदों से कम रही, जिससे बिकवाली को बल मिला।
प्रश्न: फरवरी 2025 में विदेशी निवेशकों ने कितनी बिकवाली की थी?
उत्तर: फरवरी 2025 में विदेशी निवेशकों ने 34,574 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी।
प्रश्न: मौजूदा साल (2025) में विदेशी निवेशकों की बिकवाली का सबसे बड़ा महीना कौन सा था और कितनी राशि निकाली गई?
उत्तर: जनवरी में 78,027 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई थी, जो मौजूदा साल में सबसे बड़ा महीना था।
प्रश्न: मार्च से जून 2025 तक विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार में कितनी खरीदारी की थी?
उत्तर: इस दौरान विदेशी निवेशकों ने 38,673 करोड़ रुपये का निवेश किया था।
प्रश्न: पिछले 20 साल (2005 से) में अगस्त के महीने में विदेशी निवेशकों ने कितनी बार बिकवाली की है?
उत्तर: पिछले 20 साल में अगस्त के महीने में केवल 8 बार बिकवाली हुई है।
प्रश्न: 31 अगस्त 2025 को आयुष बडोनी के दोहरे शतक से किस टीम ने दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में प्रवेश किया?
उत्तर: नॉर्थ जोन ने दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
प्रश्न: दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में साउथ जोन की कप्तानी कौन करेगा और किसकी जगह लेगा?
उत्तर: केरल के बल्लेबाज मोहम्मद अजहरुद्दीन, तिलक वर्मा की जगह साउथ जोन की कप्तानी करेंगे।
प्रश्न: तिलक वर्मा दलीप ट्रॉफी में क्यों नहीं खेलेंगे?
उत्तर: तिलक वर्मा आगामी एशिया कप के लिए भारतीय टीम में चुने जाने के कारण दलीप ट्रॉफी में नहीं खेलेंगे।
प्रश्न: आईपीएल के फाउंडर ललित मोदी ने 2007 के टी20 विश्व कप से पहले एक ओवर में छह छक्के या छह विकेट लेने वाले को क्या इनाम देने का वादा किया था?
उत्तर: उन्होंने एक पोर्श कार देने का वादा किया था।
प्रश्न: युवराज सिंह ने इंग्लैंड के खिलाफ कितने छक्के लगाकर यह कारनामा किया था?
उत्तर: युवराज सिंह ने 6 छक्के लगाकर यह कारनामा किया था।
प्रश्न: सुरेश रैना के अनुसार, सबसे प्रतिस्पर्धी क्रिकेटर कौन हैं?
उत्तर: सुरेश रैना के अनुसार, पूर्व ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर शेन वॉटसन सबसे प्रतिस्पर्धी क्रिकेटर हैं।
प्रश्न: पुरुषों की हंड्रेड प्रतियोगिता के 2025 संस्करण के फाइनल में ओवल इनविंसिबल्स का मुकाबला किससे होगा?
उत्तर: ओवल इनविंसिबल्स का मुकाबला ट्रेंट रॉकेट्स से होगा।
प्रश्न: अर्शदीप सिंह को टेस्ट क्रिकेट में "बोरिंग" दौर से उबरने और एशिया कप के लिए मानसिक रूप से तैयार रहने की सलाह किसने दी?
उत्तर: उनके साथी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने सलाह दी।
प्रश्न: DPL 2025 में नितीश राणा ने किस टीम को चैंपियन बनाया?
उत्तर: नीतीश राणा ने वेस्ट दिल्ली लायंस को चैंपियन बनाया।
प्रश्न: श्रीलंका पर जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले वनडे में धीमी ओवर गति के लिए क्या जुर्माना लगाया गया?
उत्तर: श्रीलंका पर मैच फीस का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया गया।
प्रश्न: 31 अगस्त 2025 को SCO समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात कहाँ हुई?
उत्तर: उनकी मुलाकात चीन के तिआनजिन शहर में हुई।
प्रश्न: मोदी और जिनपिंग ने सीमा विवाद को कैसे हल करने पर सहमति व्यक्त की?
उत्तर: दोनों नेताओं ने "निष्पक्ष और उचित" समाधान पर सहमति व्यक्त की।
प्रश्न: पीएम मोदी ने जिनपिंग को किस शिखर सम्मेलन में भारत आने का न्योता दिया, जिसे जिनपिंग ने स्वीकार कर लिया?
उत्तर: मोदी ने 2026 BRICS शिखर सम्मेलन में आने का न्योता दिया।
प्रश्न: टैरिफ विवाद के बीच भारत ने अमेरिका के लिए कौन सी सेवा बंद करने का ऐलान किया है?
उत्तर: भारत ने अमेरिका के लिए सभी डाक सर्विस बंद करने का ऐलान किया है।
प्रश्न: टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ किस आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है?
उत्तर: उन पर गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।
प्रश्न: रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर का कितने वर्ष की उम्र में निधन हो गया?
उत्तर: प्रेम सागर का 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।
प्रश्न: चीन में SCO शिखर सम्मेलन में रविवार को पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात जून 2020 के किस घटना के बाद पहली बार हुई?
उत्तर: यह मुलाकात गलवान घाटी संघर्ष के बाद पहली बार हुई।
प्रश्न: पीएम मोदी ने जिनपिंग के साथ बैठक में कौन सा मुद्दा उठाया और चीन से किसमें भारत का साथ देने की अपील की?
उत्तर: उन्होंने आतंकवाद का मुद्दा उठाया और चीन से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत का साथ देने की अपील की।
प्रश्न: भारतीय हॉकी टीम ने जापान को कितने स्कोर से हराया?
उत्तर: भारतीय हॉकी टीम ने जापान को 3-2 से हराया।
प्रश्न: त्रिपुरा में साइबर अपराधियों ने 2021 से अब तक कुल कितने करोड़ रुपये की ठगी की है?
उत्तर: त्रिपुरा में कुल 51.49 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई है।
प्रश्न: 2021 से अब तक त्रिपुरा में कितने लोग साइबर धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं?
उत्तर: कुल 269 लोग साइबर धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं।
प्रश्न: त्रिपुरा के DGP अनुराग धंकर ने लोगों से साइबर अपराध से बचने के लिए क्या अपील की?
उत्तर: उन्होंने लोगों से आवश्यक ऐप ही इंस्टॉल करने, मजबूत पासवर्ड रखने, उन्हें समय-समय पर बदलते रहने, और फर्जी विज्ञापनों से दूर रहने की अपील की।
प्रश्न: पाकिस्तान के सिंध में बाढ़ से कितने लोग खतरे में फंसे हैं?
उत्तर: पाकिस्तान के सिंध में बाढ़ से 16 लाख से अधिक लोग खतरे में फंसे हैं।
प्रश्न: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी SCO समिट में कितने साल बाद चीन गए?
उत्तर: प्रधानमंत्री मोदी सात साल बाद चीन गए।
प्रश्न: SCO में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
उत्तर: SCO में चीन, भारत, रूस, पाकिस्तान, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस शामिल हैं।
प्रश्न: भारत और जापान ने कितने साल की संयुक्त दृष्टि पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें स्वच्छ ऊर्जा, एआई और चंद्रयान-5 पर सहयोग शामिल है?
उत्तर: भारत और जापान ने 10 साल की संयुक्त दृष्टि पर हस्ताक्षर किए हैं।
प्रश्न: चुनाव आयोग ने बिहार के सभी मतदाताओं को नए वोटर कार्ड जारी करने की योजना क्यों बनाई है?
उत्तर: चुनाव आयोग ने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया में अनियमितताओं के बाद, बेहतर ट्रेसबिलिटी और डुप्लिकेट खत्म करने के लिए नए वोटर कार्ड जारी करने की योजना बनाई है।
प्रश्न: बिहार में नए वोटर कार्ड योजना के तहत मतदान बूथों की संख्या कितनी बढ़ाई जाएगी?
उत्तर: मतदान बूथों की संख्या 90,000 तक बढ़ाई जाएगी।
प्रश्न: पीएम मोदी के 125वें 'मन की बात' संबोधन का मुख्य विषय क्या था?
उत्तर: मुख्य विषय आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देना था।
प्रश्न: अमेरिकी टैरिफ के जवाब में भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने निर्यातकों के लिए क्या योजना शुरू की है?
उत्तर: मंत्रालय ने तरलता राहत, अनुपालन में छूट, बाजार पहुंच की सुविधा, और निर्यात विविधीकरण सहित एक बहु-स्तरीय कार्य योजना शुरू की है।
प्रश्न: मराठा आरक्षण के लिए मनोज जरांगे का अनशन कहाँ जारी है?
उत्तर: मनोज जरांगे का अनशन मुंबई के आजाद मैदान में जारी है।
प्रश्न: मराठा आरक्षण आंदोलन में मनोज जरांगे की प्राथमिक मांग क्या है?
उत्तर: उनकी प्राथमिक मांग सभी मराठों को कुनबी (ओबीसी कृषि जाति) के रूप में वर्गीकृत करना है, जिससे समुदाय के लिए 10% आरक्षण सुनिश्चित हो सके।
प्रश्न: सर्वोच्च न्यायालय ने E20 (20% इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल) नीति पर सुनवाई कब तय की है?
उत्तर: सर्वोच्च न्यायालय ने 1 सितंबर को सुनवाई तय की है।
प्रश्न: HAL भारतीय वायु सेना को पहले दो तेजस मार्क 1ए लड़ाकू विमान कब तक वितरित करेगा?
उत्तर: HAL सितंबर 2025 के अंत तक पहले दो तेजस मार्क 1ए लड़ाकू विमान वितरित करेगा।
प्रश्न: तेजस मार्क 1ए कौन से पीढ़ी का लड़ाकू विमान है और यह किसका स्थान लेगा?
उत्तर: यह चौथी-प्लस पीढ़ी का लड़ाकू विमान है और अंततः MiG-21 का स्थान लेगा।
प्रश्न: इज़राइल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्ला के सैन्य बुनियादी ढांचे पर हमला क्यों किया?
उत्तर: आईडीएफ ने दावा किया कि साइट लेबनान के साथ मौजूदा समझौतों का उल्लंघन करती है और गाजा संघर्ष के दौरान हुई झड़पों से जुड़ी थी।
प्रश्न: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रक्षा विभाग का नाम बदलकर "युद्ध विभाग" करने का प्रस्ताव क्यों दोहराया?
उत्तर: ट्रंप ने जोर दिया कि "केवल रक्षा" अपर्याप्त था और ऐतिहासिक नामकरण की वापसी शक्ति का प्रदर्शन करती है।
प्रश्न: SCO शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने BRICS देशों के खिलाफ "भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों" का विरोध क्यों किया?
उत्तर: उन्होंने इन प्रतिबंधों को सदस्य देशों के सामाजिक-आर्थिक विकास में बाधा बताया।
प्रश्न: ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के खिलाफ तख्तापलट के मुकदमे का फैसला कब से शुरू होने वाला है?
उत्तर: मुकदमे का फैसला 2 सितंबर 2025 से शुरू होने वाला है।
प्रश्न: बोल्सोनारो पर कौन से पांच आरोप लगाए गए हैं?
उत्तर: उन पर 2022 के चुनाव हारने के बाद तख्तापलट की साजिश रचने, एक सशस्त्र आपराधिक संगठन का नेतृत्व करने, लोकतंत्र का हिंसक दमन करने, और 8 जनवरी 2023 को सरकारी इमारत पर हमलों के लिए उकसाने का आरोप है।
प्रश्न: ईस्ट टेक्सास में अंतरराज्यीय-20 पर हुई बहु-वाहन दुर्घटना में कितने लोग अस्पताल में भर्ती हुए?
उत्तर: इस दुर्घटना में 17 लोग अस्पताल में भर्ती हुए।
प्रश्न: 2025 यूएस ओपन में महिला एकल में कोको गॉफ का अगला मुकाबला किससे होगा?
उत्तर: कोको गॉफ का अगला मुकाबला नाओमी ओसाका से होगा।
प्रश्न: वर्ष 2025 का प्रतिष्ठित रेमन मैगसेसे पुरस्कार किस भारतीय संस्था को मिला है?
उत्तर: यह पुरस्कार भारतीय गैर-लाभकारी संस्था ‘एजुकेट गर्ल्स’ को मिला है।
प्रश्न: एजुकेट गर्ल्स यह पुरस्कार जीतने वाला कौन सा भारतीय संगठन बन गया है?
उत्तर: एजुकेट गर्ल्स यह पुरस्कार जीतने वाला पहला भारतीय संगठन बन गया है।
प्रश्न: रेमन मैगसेसे पुरस्कार को एशिया का क्या कहा जाता है?
उत्तर: इसे एशिया का नोबेल कहा जाता है।
प्रश्न: वर्ष 2025 के अन्य दो रेमन मैगसेसे पुरस्कार विजेता कौन हैं और उन्हें किस लिए सम्मानित किया गया है?
उत्तर: मालदीव की शाहिना अली को पर्यावरण संरक्षण के लिए और फिलीपीन के फ्लेवियानो एंटोनियो एल. विलानुएवा को उनके सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया है।
प्रश्न: एजुकेट गर्ल्स की स्थापना कब और किसने की थी?
उत्तर: इसकी स्थापना वर्ष 2007 में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की स्नातक सफीना हुसैन ने की थी।
प्रश्न: साल 2015 में, एजुकेट गर्ल्स ने शिक्षा क्षेत्र में दुनिया का पहला कौन सा बॉन्ड लॉन्च किया?
उत्तर: उन्होंने दुनिया का पहला ‘डेवलपमेंट इम्पैक्ट बॉन्ड’ (DIB) लॉन्च किया।
प्रश्न: एजुकेट गर्ल्स द्वारा शुरू किए गए ओपन स्कूल प्रोग्राम का क्या नाम है और इसका उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इस कार्यक्रम का नाम प्रगति है, जिसका उद्देश्य 15 से 29 वर्ष की लड़कियों और युवतियों को अधूरी शिक्षा पूरी करने और भविष्य के अवसरों का लाभ उठाने में मदद करना है।
प्रश्न: भारत से रेमन मैगसेसे पुरस्कार पाने वाली कुछ प्रतिष्ठित हस्तियां कौन-कौन सी हैं?
उत्तर: इनमें मदर टेरेसा (1962), जयप्रकाश नारायण (1965), सत्यजीत रे (1967), अरुण शौरी (1982), किरण बेदी (1994), अरुणा रॉय (2000), अरविंद केजरीवाल (2006), सोनम वांगचुक (2018) और रवीश कुमार (2019) शामिल हैं।
प्रश्न: आरबीआई के अगस्त बुलेटिन में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में निजी क्षेत्र का पूंजी निवेश कितने प्रतिशत बढ़कर कितना हो सकता है?
उत्तर: यह 21.5 प्रतिशत बढ़कर 2.67 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
प्रश्न: निजी निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाने वाले कारक क्या हैं?
उत्तर: अनुकूल कारक सरकार की बुनियादी ढांचा नीतियां, घटती महंगाई, कम ब्याज दरें, बाजार में पर्याप्त नकदी और उद्योगों द्वारा क्षमता उपयोग में वृद्धि हैं।
प्रश्न: बुनियादी ढांचा क्षेत्र में सबसे अधिक पूंजी निवेश कौन सा क्षेत्र आकर्षित कर रहा है?
उत्तर: ऊर्जा क्षेत्र सबसे अधिक पूंजी निवेश आकर्षित कर रहा है।
प्रश्न: अगस्त 2025 में वैष्णो देवी मंदिर मार्ग में भारी वर्षा के कारण पहाड़ धंसने से कितने लोगों की मौत हुई?
उत्तर: 34 लोगों की मौत हुई।
प्रश्न: मानसून में जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के किन इलाकों में बादल फटने, भूस्खलन और अचानक बाढ़ आने की घटनाएं हुई हैं?
उत्तर: ये घटनाएँ जम्मू-कश्मीर के उधमपुर, कटरा और उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और मंडी में हुई हैं।
प्रश्न: हिमालयी क्षेत्र में बाढ़ और भूस्खलन के पीछे विशेषज्ञ किन कारणों को मानते हैं?
उत्तर: विशेषज्ञ जलवायु परिवर्तन, बेतहाशा शहरीकरण और पर्वतीय क्षेत्रों के कमजोर बुनियादी ढांचे को कारण मानते हैं।
प्रश्न: इक्कीसवीं सदी के अंत तक हिमनद झीलों के फटने से आने वाली बाढ़ के कितने गुना होने की आशंका है?
उत्तर: इसके तीन गुना होने की आशंका है।
प्रश्न: भागीरथी नदी पर बना टिहरी बांध बादलों के निर्माण को कैसे बढ़ाता है?
उत्तर: यह मानसूनी बारिश को तेज कर देता है।
प्रश्न: 2010 के बाद से पश्चिमी हिमालयी राज्यों में बादल फटने और अचानक बाढ़ जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ने का क्या कारण बताया गया है?
उत्तर: इसका कारण बढ़ते वैश्विक तापमान की वजह से हवा में अधिक नमी होना बताया गया है।
प्रश्न: 2025 के एक अध्ययन में 1970 से 2024 तक की बादल फटने की घटनाओं में सबसे अधिक प्रभावित राज्य कौन सा बताया गया?
उत्तर: सबसे अधिक प्रभावित राज्य उत्तराखंड बताया गया।
प्रश्न: अव्यवस्थित निर्माण से पहाड़ों में तबाही क्यों बढ़ रही है?
उत्तर: कंक्रीट की इमारतें जंगलों की जगह ले रही हैं, पानी को रोक रही हैं, और पहाड़ को असुरक्षित बना रही हैं।
प्रश्न: हिमाचल प्रदेश को वर्तमान वर्षा आपदा में कितना नुकसान हुआ है?
उत्तर: हिमाचल प्रदेश को 2,623.36 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
प्रश्न: हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण अब तक कितने लोगों की मौत हुई और कितने लापता हैं?
उत्तर: अब तक 310 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 38 लापता हैं।
प्रश्न: चेन्नई के मनाली और आसपास के इलाकों में क्लाउडबर्स्ट के दौरान 24 घंटे में कितनी बारिश दर्ज की गई?
उत्तर: मनाली में 27 सेमी, न्यू मनाली टाउन में 26 सेमी, और विमको नगर में 23 सेमी बारिश दर्ज की गई।
प्रश्न: जम्मू-कश्मीर में अगस्त के मानसून की घटनाओं से कुल मौत का आंकड़ा कितना पार कर गया?
उत्तर: कुल मौत का आंकड़ा 120 पार कर गया।
प्रश्न: जम्मू-कश्मीर में बादल फटने और भूस्खलन से कितने लोगों की मौत हुई?
उत्तर: 11 लोगों की मौत हुई।
प्रश्न: HAL द्वारा तेजस मार्क 1ए लड़ाकू विमानों की डिलीवरी को भारत की वायु शक्ति को मजबूत करने के लिए क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है?
उत्तर: यह लंबे समय से लंबित कार्यक्रम है और भारत की वायु शक्ति को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रश्न: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए कुल कितने सैनिकों को वीरता पुरस्कार, विशिष्ट सेवा पुरस्कार और ‘मेनशन इन डिस्पैच’ सम्मान से सम्मानित किया गया?
उत्तर: 127 सैनिकों को वीरता, 40 को विशिष्ट सेवा, और 290 को ‘मेनशन इन डिस्पैच’ सम्मान मिला।
प्रश्न: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पुरस्कारों के साथ किन पत्रों को सार्वजनिक नहीं किया गया?
उत्तर: प्रशस्ति (साइटेशन) पत्र सार्वजनिक नहीं किए गए।
प्रश्न: वीरता पुरस्कार की शर्तों के लिए क्या दो शर्तें जरूरी हैं?
उत्तर: ‘दुश्मन की मौजूदगी या उससे सामना’ और ‘आत्म बलिदान, शौर्य, साहस, और वीरता का प्रदर्शन’।
प्रश्न: युद्ध में मिशन पूरा करने के लिए एक अलग श्रेणी का पुरस्कार स्थापित करने का सुझाव क्यों दिया गया है?
उत्तर: यह सुझाव दिया गया क्योंकि उच्च टेक्नोलॉजी वाले युद्ध में सीधी टक्कर दुर्लभ हो गई है।
प्रश्न: भारत की जीडीपी वृद्धि दर 2024-25 में कितनी रही?
उत्तर: भारत की जीडीपी वृद्धि दर 2024-25 में 6.5% रही।
प्रश्न: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मई 2025 में कितना था?
उत्तर: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक मई 2025 में 2.82% था।
प्रश्न: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने 2025 के लिए भारत की विकास दर का कितना अनुमान लगाया है?
उत्तर: IMF ने 2025 के लिए भारत की विकास दर का 6.4% अनुमान लगाया है।
प्रश्न: भारत की उपभोक्ता बाजार को वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण बफर क्यों माना जाता है?
उत्तर: क्योंकि उपभोक्ता खर्च भारत की आधी से अधिक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है, और उपभोक्ता भावना उत्साहित है।
प्रश्न: केंद्रीय बजट 2024-25 में किन क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है?
उत्तर: केंद्रीय बजट में रोजगार सृजन, कौशल विकास, विनिर्माण और सेवाएँ, विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं के लिए, पर विशेष जोर दिया गया है।
प्रश्न: भारतीय आईटी क्षेत्र की वृद्धि में कौन सी प्रमुख बाधा है?
उत्तर: भारतीय आईटी क्षेत्र की वृद्धि में कौशल और अनुसंधान एवं विकास (R&D) का अंतर एक प्रमुख बाधा है।
प्रश्न: भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की कुल संख्या कितनी है?
उत्तर: भारत में 806 मिलियन इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं, जो कुल आबादी का 55.3% है।
प्रश्न: कितने प्रतिशत भारतीय मोबाइल फोन के माध्यम से इंटरनेट का उपयोग करते हैं?
उत्तर: एक चौंकाने वाले 96% भारतीय मोबाइल फोन के माध्यम से इंटरनेट का उपयोग करते हैं।
प्रश्न: अगस्त 2025 में कौन सी बहुप्रतीक्षित बड़ी बजट फिल्म रिलीज हुई थी?
उत्तर: अगस्त 2025 में एक्शन स्पाई थ्रिलर वॉर 2 रिलीज हुई थी।
प्रश्न: 2025 के लिए विश्व आर्थिक मंच की ग्लोबल रिस्क रिपोर्ट में नंबर एक वैश्विक जोखिम के रूप में किसकी पहचान की गई है?
उत्तर: "राज्य-आधारित सशस्त्र संघर्ष" को नंबर एक वैश्विक जोखिम के रूप में पहचान की गई है।
प्रश्न: सूदान में युद्ध को "दुनिया का सबसे विनाशकारी" क्यों कहा गया है?
उत्तर: यह विस्थापित और भूखे लोगों की भारी संख्या के कारण "दुनिया का सबसे विनाशकारी" कहा गया है, जिसमें 12 मिलियन से अधिक सूडानी अपने घरों से भाग गए हैं।
प्रश्न: विश्व बैंक ने 2025 में वैश्विक विकास के लिए कितना अनुमान लगाया है?
उत्तर: विश्व बैंक ने 2025 में वैश्विक विकास के लिए 2.3% का अनुमान लगाया है।
प्रश्न: एआई विकास 2025 में किन जरूरतों को पूरा करने पर केंद्रित है?
उत्तर: यह उत्पादकता और लागत-कटौती के लिए उद्यम की जरूरतों को पूरा करने पर केंद्रित है।
प्रश्न: अंतरिक्ष उद्योग में 2025 में कितने कक्षीय प्रक्षेपणों की उम्मीद है?
उत्तर: अंतरिक्ष उद्योग में 2025 में कम से कम 300 कक्षीय प्रक्षेपणों की उम्मीद है।
प्रश्न: अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में परिवहन प्रदान करने वाली कंपनियां क्या कर रही हैं?
उत्तर: वे अनुसंधान और अंतरिक्ष पर्यटन के लिए परिवहन प्रदान कर रही हैं।
प्रश्न: आईसीसी की रिपोर्ट के अनुसार जलवायु परिवर्तन का सबसे गहरा असर किस पर पड़ेगा?
उत्तर: जलवायु परिवर्तन का सबसे गहरा असर हिमालय या फिर ध्रुवीय क्षेत्रों-अंटार्कटिका और आर्कटिक पर पड़ेगा।
प्रश्न: रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (डीआरडीएल) द्वारा विकसित केंद्रीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर क्या सुनिश्चित करता है?
उत्तर: यह सुनिश्चित करता है कि सभी घटक—रडार, संचार नेटवर्क, मिसाइल बैटरी, और निर्देशित-ऊर्जा हथियार—तालमेल से कार्य करें।
प्रश्न: आईएडीडब्ल्यूएस प्रणाली में कौन सी तीन प्रमुख स्वदेशी प्रौद्योगिकियां एकीकृत हैं?
उत्तर: इसमें क्विक रिएक्शन सरफेस-टू-एयर मिसाइल (QRSAM), मैन-पोर्टेबल वेरी-शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS), और एक उच्च-शक्ति लेजर-आधारित डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (DEW) एकीकृत हैं।

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