अडानी की भारत के ऊर्जा क्षेत्र में $60 अरब की योजना

NATIONAL NEWS - अडानी का भारत के ऊर्जा क्षेत्र को 2032 तक बदलने का $60 अरब का प्लान: बढ़ती मांग हेतु नवीकरणीय, ट्रांसमिशन, थर्मल का विस्तार।
अडानी की भारत के ऊर्जा क्षेत्र में $60 अरब की योजना

औद्योगिक समूह अडानी ने भारत के ऊर्जा क्षेत्र को बदलने के लिए एक महत्वाकांक्षी $60 बिलियन की निवेश योजना का अनावरण किया है, जिसका लक्ष्य नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का विस्तार करना और संचरण अवसंरचना को मजबूत करना है। इस योजना में 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को 50 गीगावाट तक तीन गुना करना और 2032 तक तापीय ऊर्जा क्षमता को दोगुना से अधिक 41.9 गीगावाट तक करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, कंपनी 2030 तक 30,000 किलोमीटर नई संचरण लाइनें बनाने के लिए $17 बिलियन का निवेश करेगी, जो भारत की तेजी से बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण विस्तार है। यह रणनीति भारत के बिजली क्षेत्र के लिए अनुमानित 1,000 गीगावाट की कुल स्थापित क्षमता के साथ 2032 तक 11% चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर प्राप्त करने के व्यापक लक्ष्य के साथ संरेखित है। ये निवेश नवीकरणीय ऊर्जा में भारत की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हैं, जो वर्तमान में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा बाजार है, जबकि स्थिर बेसलोड शक्ति के लिए कोयले की निरंतर आवश्यकता को भी स्वीकार करते हैं


अडानी का $60 अरब का मेगा प्लान: भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक नया अध्याय

परिचय: भारत की बढ़ती ऊर्जा ज़रूरतों का समाधान

भारत, दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते ऊर्जा बाज़ारों में से एक, बिजली की रिकॉर्ड-तोड़ मांग का सामना कर रहा है। ऐसे में, उद्योगपति गौतम अडानी के समूह ने देश के ऊर्जा क्षेत्र को बदलने के लिए एक महत्वाकांक्षी $60 बिलियन (लगभग ₹5 लाख करोड़) की निवेश योजना का अनावरण किया है। यह योजना वित्तीय वर्ष 2032 तक लागू की जाएगी और इसका मुख्य फोकस नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर है। यह रणनीतिक कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्थिरता के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

$60 बिलियन का महत्वाकांक्षी निवेश: एक विस्तृत दृष्टिकोण

अडानी पावर की निवेशक प्रस्तुति के अनुसार, अडानी समूह इस विशाल निवेश को तीन प्रमुख खंडों में वितरित करेगा:

  1. नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का विस्तार: वित्तीय वर्ष 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना बढ़ाकर 50 गीगावाट (GW) करने के लिए $21 बिलियन का निवेश किया जाएगा।
  2. ट्रांसमिशन और वितरण इंफ्रास्ट्रक्चर: देश के ऊर्जा ग्रिड को मजबूत करने के लिए ट्रांसमिशन और वितरण इंफ्रास्ट्रक्चर में $17 बिलियन का निवेश किया जाएगा। इसमें वित्तीय वर्ष 2030 तक 30,000 किलोमीटर नई ट्रांसमिशन लाइनें बिछाना शामिल है।
  3. थर्मल पावर क्षमता में वृद्धि: वित्तीय वर्ष 2032 तक थर्मल पावर क्षमता को दोगुना से अधिक करके 41.9 GW तक पहुंचाने के लिए $22 बिलियन का निवेश किया जाएगा।

यह संतुलित दृष्टिकोण भारत की तेज़ी से बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने, कोयला-आधारित बेसलोड बिजली को मजबूत करने, और साथ ही स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा के लिए नवीकरणीय ऊर्जा का पर्याप्त विस्तार करने पर केंद्रित है।

नवीकरणीय ऊर्जा: स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन का नेतृत्व

अडानी समूह की नवीकरणीय ऊर्जा शाखा, अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड, स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन का नेतृत्व करेगी। कंपनी अपनी वर्तमान 14.2 GW की क्षमता को पाँच वर्षों के भीतर 50 GW तक बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। अडानी ग्रीन एनर्जी पूरे भारत में उपयोगिता-स्तर के ग्रिड-कनेक्टेड सौर और पवन ऊर्जा फार्म परियोजनाओं का विकास और संचालन करती है।

नवीकरणीय ऊर्जा पर यह ज़ोर भारत की वैश्विक स्थिति के अनुरूप है, जहाँ भारत 172 GW की स्थापित क्षमता के साथ दुनिया का चौथा सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा बाज़ार है। यह क्षेत्र $300 बिलियन से अधिक के निवेश के अवसर प्रस्तुत करता है, क्योंकि देश का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2032 तक 571 GW की नवीकरणीय क्षमता तक पहुंचना है। यह निवेश न केवल पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत को वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा मानचित्र पर एक अग्रणी स्थान भी दिलाएगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूती: ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार

भारत की बढ़ती ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड $17 बिलियन का निवेश महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन और वितरण क्षमताओं के निर्माण में करेगी। इसमें वित्तीय वर्ष 2030 तक 30,000 किलोमीटर नई ट्रांसमिशन लाइनें बिछाना शामिल है। यह मार्च 2025 तक 19,200 किलोमीटर के मौजूदा नेटवर्क से एक महत्वपूर्ण विस्तार का प्रतिनिधित्व करता है।

यह इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश भारत की समग्र स्थापित क्षमता के साथ तालमेल बिठाता है, जिसके वित्तीय वर्ष 2025 में 475 GW से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2032 तक 1,000 GW तक पहुंचने की उम्मीद है, जो 11 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) को दर्शाता है। अकेले भारत का ट्रांसमिशन नेटवर्क $110 बिलियन के निवेश के अवसर प्रदान करता है। मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क ऊर्जा को कुशलतापूर्वक उत्पादकों से उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे ऊर्जा हानि कम होती है और विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित होती है।

थर्मल पावर की अनिवार्यता: बेसलोड आपूर्ति की रीढ़

नवीकरणीय ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित होने के बावजूद, अडानी पावर, जो भारत की सबसे बड़ी निजी थर्मल पावर उत्पादक है, $22 बिलियन का निवेश करेगी। इस निवेश से कंपनी की क्षमता वित्तीय वर्ष 2032 तक 17.6 GW से बढ़कर 41.9 GW हो जाएगी। कंपनी गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक सहित आठ राज्यों में काम करती है।

अडानी पावर ने अपनी प्रस्तुति में स्पष्ट रूप से कहा है, "बढ़ती मांग और नवीकरणीय ऊर्जा की परिवर्तनशीलता के बीच स्थिर, बड़े पैमाने पर आपूर्ति प्रदान करने में कोयला भारत की बेसलोड बिजली की रीढ़ बना हुआ है"। यह इंगित करता है कि नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते हिस्से के बावजूद, स्थिर और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति के लिए थर्मल पावर एक महत्वपूर्ण घटक बनी रहेगी। थर्मल सेगमेंट में $91 बिलियन का निवेश अवसर है, क्योंकि भारत को वित्तीय वर्ष 2032 तक अतिरिक्त 80 GW कोयला क्षमता की आवश्यकता होगी।

भारत की रिकॉर्ड-तोड़ ऊर्जा मांग और भविष्य की संभावनाएं

यह घोषणा भारत की रिकॉर्ड-तोड़ बिजली मांग के बीच आई है, जो अगस्त 2025 में 229,715 MW के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। देश की बिजली मांग में 2025 में 4 प्रतिशत और 2026 में 6.6 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि का अनुमान है, जो औद्योगिक गतिविधियों और एयर कंडीशनर के बढ़ते उपयोग से प्रेरित है।

अडानी समूह की यह रणनीतिक चाल उसे भारत के महत्वाकांक्षी ऊर्जा परिवर्तन में सबसे आगे रखती है, जबकि भविष्य की मांगों को पूरा करने के लिए स्थिर और स्केलेबल बिजली आपूर्ति भी सुनिश्चित करती है। यह निवेश भारत के समग्र ऊर्जा विकास अनुमानों के साथ संरेखित है, जिसका लक्ष्य 2032 तक कुल स्थापित क्षमता को 1,000 GW तक ले जाना है। इस प्रकार, अडानी समूह भारत के ऊर्जा परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है, जो स्थिरता और विकास दोनों को साथ लेकर चलेगा।


समाचारों पर आधारित 50 प्रश्न-उत्तर

प्रश्न: गौतम अडानी के समूह ने भारत के ऊर्जा क्षेत्र को बदलने के लिए कितनी बड़ी निवेश योजना का अनावरण किया है?

उत्तर: गौतम अडानी के समूह ने भारत के ऊर्जा क्षेत्र को बदलने के लिए 60 अरब डॉलर की महत्वाकांक्षी निवेश योजना का अनावरण किया है।

प्रश्न: यह निवेश योजना किस वित्तीय वर्ष तक भारत के ऊर्जा क्षेत्र को बदलने पर केंद्रित है?

उत्तर: यह निवेश योजना वित्तीय वर्ष 2032 तक भारत के ऊर्जा क्षेत्र को बदलने पर केंद्रित है।

प्रश्न: अडानी समूह की निवेश योजना का मुख्य फोकस क्या है?

उत्तर: निवेश योजना का मुख्य फोकस नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार और पारेषण अवसंरचना पर है।

प्रश्न: वर्तमान में भारत किस प्रकार के बिजली मांग वृद्धि का अनुभव कर रहा है?

उत्तर: भारत वर्तमान में रिकॉर्ड-ब्रेकिंग बिजली मांग वृद्धि का अनुभव कर रहा है।

प्रश्न: वैश्विक ऊर्जा बाजारों के संबंध में भारत की स्थिति क्या है?

उत्तर: भारत को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते ऊर्जा बाजारों में से एक के रूप में स्थान दिया गया है।

प्रश्न: अडानी समूह नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तिगुना करने के लिए कितना निवेश करेगा?

उत्तर: अडानी समूह नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तिगुना करने के लिए 21 अरब डॉलर का निवेश करेगा।

प्रश्न: वित्तीय वर्ष 2030 तक अडानी समूह का नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य क्या है?

उत्तर: वित्तीय वर्ष 2030 तक अडानी समूह का नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य 50 गीगावाट (GW) है।

प्रश्न: पारेषण और वितरण अवसंरचना के लिए कितना निवेश निर्धारित किया गया है?

उत्तर: पारेषण और वितरण अवसंरचना के लिए 17 अरब डॉलर निर्धारित किए गए हैं।

प्रश्न: थर्मल पावर क्षमता को दोगुना से अधिक करने के लिए कितना निवेश किया जाएगा?

उत्तर: थर्मल पावर क्षमता को दोगुना से अधिक करने के लिए 22 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा।

प्रश्न: वित्तीय वर्ष 2032 तक अडानी समूह का थर्मल पावर क्षमता का लक्ष्य क्या है?

उत्तर: वित्तीय वर्ष 2032 तक अडानी समूह का थर्मल पावर क्षमता का लक्ष्य 41.9 GW है।

प्रश्न: समूह की नवीकरणीय ऊर्जा शाखा का नाम क्या है जो स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण का नेतृत्व करेगी?

उत्तर: समूह की नवीकरणीय ऊर्जा शाखा अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड है जो स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण का नेतृत्व करेगी।

प्रश्न: अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड की वर्तमान नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता क्या है?

उत्तर: अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड की वर्तमान नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 14.2 GW है।

प्रश्न: अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड कितने वर्षों के भीतर अपनी क्षमता को 50 GW तक विस्तारित करेगी?

उत्तर: अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड पांच वर्षों के भीतर अपनी क्षमता को 50 GW तक विस्तारित करेगी।

प्रश्न: अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड भारत में किस प्रकार की परियोजनाओं का विकास और संचालन करती है?

उत्तर: अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड पूरे भारत में यूटिलिटी-स्केल ग्रिड-कनेक्टेड सौर और पवन फार्म परियोजनाओं का विकास और संचालन करती है।

प्रश्न: नवीकरणीय ऊर्जा बाजार में भारत का वैश्विक स्थान क्या है?

उत्तर: भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा बाजार है।

प्रश्न: भारत की वर्तमान स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता कितनी है?

उत्तर: भारत की वर्तमान स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 172 GW है।

प्रश्न: नवीकरणीय ऊर्जा खंड में कितने निवेश के अवसर मौजूद हैं?

उत्तर: नवीकरणीय ऊर्जा खंड में 300 अरब डॉलर से अधिक के निवेश अवसर मौजूद हैं।

प्रश्न: वित्तीय वर्ष 2032 तक भारत का नवीकरणीय क्षमता का लक्ष्य क्या है?

उत्तर: वित्तीय वर्ष 2032 तक भारत का नवीकरणीय क्षमता का लक्ष्य 571 GW है।

प्रश्न: अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड पारेषण और वितरण के लिए कितना निवेश करेगी?

उत्तर: अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड पारेषण और वितरण के लिए 17 अरब डॉलर का निवेश करेगी।

प्रश्न: अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड किस क्षेत्र में निवेश करेगी?

उत्तर: अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड महत्वपूर्ण पारेषण और वितरण क्षमताओं के निर्माण में निवेश करेगी।

प्रश्न: वित्तीय वर्ष 2030 तक कितनी नई पारेषण लाइनें बनाई जाएंगी?

उत्तर: वित्तीय वर्ष 2030 तक 30,000 किलोमीटर की नई पारेषण लाइनें बनाई जाएंगी।

प्रश्न: मार्च 2025 तक अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड का वर्तमान पारेषण नेटवर्क कितना था?

उत्तर: मार्च 2025 तक अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड का वर्तमान पारेषण नेटवर्क 19,200 किलोमीटर था।

प्रश्न: भारत की समग्र स्थापित क्षमता वित्तीय वर्ष 2032 तक कितनी बढ़ने की उम्मीद है?

उत्तर: भारत की समग्र स्थापित क्षमता वित्तीय वर्ष 2032 तक 1,000 GW तक पहुंचने की उम्मीद है।

प्रश्न: वित्तीय वर्ष 2025 में भारत की समग्र स्थापित क्षमता कितनी थी?

उत्तर: वित्तीय वर्ष 2025 में भारत की समग्र स्थापित क्षमता 475 GW थी।

प्रश्न: भारत का पारेषण नेटवर्क कितने निवेश के अवसर प्रदान करता है?

उत्तर: भारत का पारेषण नेटवर्क 110 अरब डॉलर के निवेश के अवसर प्रदान करता है।

प्रश्न: अडानी पावर थर्मल पावर क्षमता के विस्तार के लिए कितना निवेश करेगी?

उत्तर: अडानी पावर थर्मल पावर क्षमता के विस्तार के लिए 22 अरब डॉलर का निवेश करेगी।

प्रश्न: अडानी पावर की वर्तमान थर्मल पावर क्षमता कितनी है?

उत्तर: अडानी पावर की वर्तमान थर्मल पावर क्षमता 17.6 GW है।

प्रश्न: अडानी पावर वित्तीय वर्ष 2032 तक अपनी थर्मल पावर क्षमता को कितना बढ़ाएगी?

उत्तर: अडानी पावर वित्तीय वर्ष 2032 तक अपनी थर्मल पावर क्षमता को 41.9 GW तक बढ़ाएगी।

प्रश्न: अडानी पावर को भारत में किस रूप में जाना जाता है?

उत्तर: अडानी पावर को भारत के सबसे बड़े निजी थर्मल पावर उत्पादक के रूप में जाना जाता है।

प्रश्न: अडानी पावर भारत के कितने राज्यों में काम करती है?

उत्तर: अडानी पावर आठ राज्यों में काम करती है।

प्रश्न: अडानी पावर द्वारा उल्लिखित कुछ राज्य कौन से हैं जहां वह काम करती है?

उत्तर: अडानी पावर द्वारा उल्लिखित कुछ राज्य गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक हैं।

प्रश्न: अडानी पावर के प्रस्तुतीकरण के अनुसार भारत की बेसलोड बिजली की रीढ़ क्या है?

उत्तर: अडानी पावर के प्रस्तुतीकरण के अनुसार कोयला भारत की बेसलोड बिजली की रीढ़ बना हुआ है।

प्रश्न: थर्मल सेगमेंट कितने निवेश के अवसर प्रस्तुत करता है?

उत्तर: थर्मल सेगमेंट 91 अरब डॉलर के निवेश के अवसर प्रस्तुत करता है।

प्रश्न: वित्तीय वर्ष 2032 तक भारत को अतिरिक्त कितने कोयला क्षमता की आवश्यकता है?

उत्तर: वित्तीय वर्ष 2032 तक भारत को अतिरिक्त 80 GW कोयला क्षमता की आवश्यकता है।

प्रश्न: अडानी समूह की घोषणा किस पृष्ठभूमि में आई है?

उत्तर: अडानी समूह की घोषणा भारत की रिकॉर्ड-ब्रेकिंग बिजली मांग के बीच आई है।

प्रश्न: अगस्त 2025 में भारत की बिजली मांग कितनी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी?

उत्तर: अगस्त 2025 में भारत की बिजली मांग 229,715 MW की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी।

प्रश्न: 2025 में भारत की बिजली मांग में कितनी प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है?

उत्तर: 2025 में भारत की बिजली मांग में 4 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है।

प्रश्न: 2026 में कितनी प्रतिशत बिजली मांग वृद्धि की उम्मीद है?

उत्तर: 2026 में 6.6 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि की उम्मीद है।

प्रश्न: 2026 में बिजली मांग में वृद्धि के पीछे मुख्य कारक क्या हैं?

उत्तर: 2026 में वृद्धि के मुख्य कारक औद्योगिक गतिविधि और एयर कंडीशनर के उपयोग में वृद्धि हैं।

प्रश्न: अडानी समूह की $60 बिलियन की योजना का उद्देश्य भारत के ऊर्जा क्षेत्र को कैसे बदलना है?

उत्तर: अडानी समूह की $60 बिलियन की योजना का उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार पर मजबूत जोर और पारेषण अवसंरचना के उन्नयन के साथ भारत के ऊर्जा क्षेत्र को बदलना है।

प्रश्न: इस योजना में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को 50 GW तक तिगुना करने के लिए कितना निवेश शामिल है और कब तक?

उत्तर: इस योजना में वित्तीय वर्ष 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को 50 GW तक तिगुना करने के लिए 21 अरब डॉलर का निवेश शामिल है।

प्रश्न: इस योजना में पारेषण और वितरण अवसंरचना के लिए कितना निवेश और क्या विकास शामिल है?

उत्तर: इस योजना में 2030 तक 30,000 किलोमीटर नई पारेषण लाइनें बनाने सहित पारेषण और वितरण अवसंरचना के लिए 17 अरब डॉलर का निवेश शामिल है।

प्रश्न: इस योजना में थर्मल पावर क्षमता को 41.9 GW से अधिक दोगुना करने के लिए कितना निवेश शामिल है और कब तक?

उत्तर: इस योजना में वित्तीय वर्ष 2032 तक थर्मल पावर क्षमता को 41.9 GW से अधिक दोगुना करने के लिए 22 अरब डॉलर का निवेश शामिल है।

प्रश्न: अडानी समूह की रणनीति को "संतुलित दृष्टिकोण" क्यों कहा गया है?

उत्तर: अडानी समूह की रणनीति को "संतुलित दृष्टिकोण" कहा गया है क्योंकि यह कोयला-आधारित बेसलोड शक्ति को मजबूत करता है जबकि स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा के लिए दबाव के बीच नवीकरणीय ऊर्जा का पर्याप्त विस्तार करता है

प्रश्न: ये निवेश भारत के समग्र ऊर्जा वृद्धि अनुमानों के साथ कैसे संरेखित होते हैं?

उत्तर: ये निवेश भारत के समग्र ऊर्जा वृद्धि अनुमानों के साथ संरेखित होते हैं, जिसका लक्ष्य 2032 तक कुल स्थापित क्षमता 1,000 GW है।

प्रश्न: अडानी समूह अपनी रणनीति में तेजी से विस्तार करने वाले नवीकरणीय बाजार का लाभ कैसे उठा रहा है?

उत्तर: अडानी समूह तेजी से विस्तार करने वाले नवीकरणीय बाजार का लाभ उठा रहा है जो वर्तमान में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा है, जिसकी स्थापित क्षमता 172 GW है।

प्रश्न: अडानी समूह के इस रणनीतिक कदम का क्या महत्व है?

उत्तर: अडानी समूह का यह रणनीतिक कदम इसे भारत के महत्वाकांक्षी ऊर्जा संक्रमण में सबसे आगे रखता है जबकि भविष्य की मांगों को पूरा करने के लिए स्थिर और स्केलेबल बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करता है

प्रश्न: अडानी पावर के अनुसार, बढ़ती मांग और नवीकरणीय परिवर्तनशीलता के बीच क्या स्थिर, बड़े पैमाने पर आपूर्ति प्रदान करता है?

उत्तर: अडानी पावर के अनुसार, कोयला बढ़ती मांग और नवीकरणीय परिवर्तनशीलता के बीच स्थिर, बड़े पैमाने पर आपूर्ति प्रदान करता है।

प्रश्न: भारत के ऊर्जा क्षेत्र को बदलने की योजना में अडानी पावर के निवेशक प्रस्तुतीकरण के अनुसार कुल निवेश कितना है?

उत्तर: अडानी पावर के निवेशक प्रस्तुतीकरण के अनुसार, भारत के ऊर्जा क्षेत्र को बदलने की योजना में कुल निवेश 60 अरब डॉलर है।

प्रश्न: अडानी समूह के निवेश योजना में किन तीन प्रमुख खंडों में निवेश किया जाएगा?

उत्तर: अडानी समूह के निवेश योजना में तीन प्रमुख खंडों में निवेश किया जाएगा: नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता, पारेषण और वितरण अवसंरचना, और थर्मल पावर क्षमता


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